VIP संस्कृति के बढ़ते प्रभाव पर चिंता... राज्यसभा शून्यकाल के दौरान बोली जया बच्चन, आम लोंगो के लिए दैनिक जीवन में बड़ी बाधा 

Amrit Vichar Network
Published By Anjali Singh
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दिल्ली। समाजवादी पार्टी की राज्यसभा सदस्य जया अमिताभ बच्चन ने सोमवार को वीआईपी संस्कृति के बढ़ते प्रभाव पर चिंता जताते हुए कहा कि ऐसे लोगों की आवाजाही के कारण यातायात बाधित होता है और आम लोगों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है।

उच्च सदन में शून्यकाल के दौरान यह मुद्दा उठाते हुए जया ने कहा कि राजनेताओं, उच्च अधिकारियों और अन्य गणमान्य व्यक्तियों के आवागमन के कारण सड़कें बंद करना और यातायात मार्ग परिवर्तित करना देश के लाखों नागरिकों के दैनिक जीवन में बड़ी बाधा बन गया है। 

उन्होंने कहा, "मैंने पूरी दुनिया में यात्रा की है, लेकिन कहीं भी इतने अधिक वीआईपी और उनके काफिले नहीं देखे, और वे सड़कों पर लोगों को रोकते भी नहीं हैं।" बच्चन ने एक हालिया घटना का जिक्र करते हुए बताया कि नए संसद भवन में शार्दुल द्वार से निकलने वाले राज्यसभा सदस्यों को उस समय रोक दिया गया जब मुख्य द्वार वीआईपी मूवमेंट के कारण बंद कर दिया गया था। 

उन्होंने कहा, "संसद में अपने 22 वर्षों के कार्यकाल में हमने इस तरह का अपमान कभी नहीं झेला। हम किसी भी वीआईपी, खासकर राजनीतिक वर्ग के लिए कोई खतरा नहीं हैं।" सपा सदस्य ने आगे कहा कि कई प्रभावशाली राजनीतिक व्यक्तियों के आवासों के आसपास की सड़कें अक्सर बंद रहती हैं। जया ने यह भी रेखांकित किया कि 'वीआईपी मूवमेंट' के कारण न केवल आम नागरिक बल्कि एंबुलेंस भी फंस जाती हैं। 

उन्होंने सभापति सी. पी. राधाकृष्णन से इस मुद्दे को सरकार के समक्ष उठाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, "सर, सरकार से बात कीजिए। आप इस देश के उपराष्ट्रपति हैं... इस संस्कृति को खत्म होना चाहिए ताकि इस देश के करदाताओं को सम्मान मिल सके, जिन्होंने हमें इस सदन तक पहुंचाया है।

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