BC Sakhi Yojna: 57 हजार ग्राम पंचायत में महिलाओं को मिलेगा रोजगार, स्टाइपेंड व कमीशन से बढ़ेगी आय
लखनऊ, अमृत विचार: प्रदेश में महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में योगी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने अगले तीन वर्षों में प्रदेश की सभी 57 हजार ग्राम पंचायतों में 57 हजार ‘बीमा सखी’ तैयार करने का निर्णय लिया है। इस योजना के तहत ग्रामीण महिलाओं को प्रशिक्षित कर उन्हें रोजगार से जोड़ा जाएगा, जिससे उनकी आय बढ़ेगी और गांव-गांव तक बीमा सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित होगी।
यह पहल भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) और दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के सहयोग से संचालित की जा रही है। योजना के तहत स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं को प्रशिक्षण देकर “बीमा सखी” बनाया जा रहा है, जो ग्राम स्तर पर बीमा उत्पादों का प्रचार-प्रसार और सेवाएं प्रदान करेंगी। प्रशिक्षण के लिए एलआईसी के ट्रेनिंग सेंटरों के सहयोग से जिला स्तर पर कैलेंडर तैयार किया जा रहा है और परीक्षा में असफल अभ्यर्थियों के लिए रिफ्रेशर ट्रेनिंग की भी व्यवस्था की जा रही है।
प्रदेश के 65 जिलों से 3,397 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं, जिनमें से 672 महिलाओं ने प्रशिक्षण पूरा किया और 469 महिलाएं लाइसेंस प्राप्त कर बीमा सखी के रूप में नियुक्त भी हो चुकी हैं। सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में 20 हजार नई बीमा सखियों की नियुक्ति का लक्ष्य रखा है। पूरी योजना को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा, जिससे तीन वर्षों में सभी ग्राम पंचायतों को कवर किया जा सके।
बीमा सखी बनने वाली महिलाओं को पहले वर्ष हर माह 7 हजार रुपये स्टाइपेंड, दूसरे वर्ष 6 हजार और तीसरे वर्ष 5 हजार रुपये दिए जाएंगे। इसके साथ ही बीमा पॉलिसी कराने पर उन्हें कमीशन भी मिलेगा, जिससे उनकी आय में स्थायी वृद्धि होगी।
