Moradabad: उड़ानों पर संकट, यात्रियों में डर से टूरिज्म प्रभावित, 150 से अधिक लोगों ने रद्द किए टूर

Amrit Vichar Network
Published By Monis Khan
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मुरादाबाद, अमृत विचार। पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष का असर अब शहर के लोगों की विदेश यात्रा पर पड़ रहा है। पचपेड़ा निवासी अनिल और उनकी पत्नी विनोद अपने इकलौते बेटे आशीष और बहू से मिलने अमेरिका जाना चाहते थे, उनकी 16 मार्च की फ्लाइट जिसे एयरलाइंस ने 12 मार्च को ही निरस्त कर दी। इसके बाद से वह अपने बेटे से मिलने के लिए परेशान हैं।

बीते दो सप्ताह में शहर के उद्यमियों और सैर-सपाटे पर जाने वाले 150 से अधिक लोगों ने अपने विदेशी टूर रद्द कर दिए हैं। अमेरिका सहित कई देशों के लिए बुक कराए गए फ्लाइट टिकट और होटल भी ट्रैवल एजेंसियों के माध्यम से कैंसिल कराए जा चुके हैं। इससे शहर की ट्रैवल एजेंसियों को डेढ़ करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। 

मुरादाबाद से पीतल, ब्रास, एल्युमिनियम, वुड और कांच के उत्पाद करीब 150 देशों में निर्यात होते हैं। शहर के कई कारोबारियों के अमेरिका, लंदन, दुबई, रूस समेत अन्य देशों में कार्यालय और प्रतिष्ठान हैं। वहीं, दो हजार से अधिक परिवार खाड़ी देशों में सेवाएं दे रहे हैं। युद्ध के चलते हवाई और समुद्री मार्गों पर प्रतिबंध लगने से व्यापारिक यात्राएं भी प्रभावित हुई हैं।

हाल ही में विवाह के बाद हनीमून की योजना बनाने वाले कई जोड़ों ने भी अपने टूर कैंसिल कर दिए हैं। वहीं, यूरोप, ओमान, बहरीन, दुबई, आबूधाबी और कतर जैसे देशों से पर्यटकों का मोहभंग हो रहा है। इसके विपरीत अब युवा वर्ग थाईलैंड, सिंगापुर, वियतनाम, जापान, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड जैसे शांत देशों को प्राथमिकता दे रहा है।

शिक्षा और पर्यटन दोनों पर असर
विदेश में उच्च शिक्षा के लिए प्रवेश लेने की योजना बना रहे छात्र-छात्राओं और उनके अभिभावकों ने भी फिलहाल कदम पीछे खींच लिए हैं। ट्रेवल एजेंसियों के अनुसार, जहां पहले रोजाना 25 से 30 पूछताछ होती थीं, अब उनमें भारी कमी आई है। इससे एजेंसियों का कामकाज लगभग ठप हो गया है और संचालकों में चिंता बढ़ती जा रही है।

अकबर टूर एंड ट्रेवल्स , संचालक अकबर हुसैन ने बताया कि युद्ध की स्थिति का सीधा असर पर्यटन पर पड़ा है। लोग टिकट रद्द करा रहे हैं और नई बुकिंग भी नहीं कर रहे हैं, जिससे उद्योग प्रभावित हो रहा है। प्रेम टूर एंड ट्रेवल्स संचालक सतीश अरोड़ा, संचालक ने बताया कि कारोबार ठंडा पड़ा हुआ है। पहले जहां रोज 25-30 इन्क्वायरी आती थीं, अब बहुत कम रह गई हैं। लोग विदेश यात्रा को लेकर असमंजस में हैं।

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