इंडो-जापान चैंबर ऑफ कॉमर्स के साथ आईआईए ने साइन किया एमओयू, एमएसएमई को मिलेगी ये बड़ी मदद
सीएम योगी के जापान दौरे के बाद सक्रिय हुई इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन
लखनऊ/अमृत विचार : इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (IIA) और इंडो-जापान चैंबर ऑफ कॉमर्स (IJCC) मिलकर भारत में जापानी उद्योगों की स्थापना की राह आसान करेंगे। दोनों संस्थाओं ने एक मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (एमओयू) साइन किया है। इसके अंतर्गत अंतरराष्ट्रीय मानक और जरूरतों के आधार पर कौशल प्रशिक्षण, एमएसएमई में तकनीकी सपोर्ट कई अन्य महत्वपूर्ण बिंदु शामिल हैं।
एक वर्चुअल मीटिंग में दोनों सस्थाओं के पदाधिकारियों ने औद्योगिक सहयोग-साझेदारी पर चर्चा की है। आईआईए की ये पहल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जापान दौरे के बाद सामने आई है। पिछले दिनों मुख्यमंत्री ने जापान का दौरा किया था। दिग्गज जापानी कंपनियों को यूपी में निवेश के लिए न सिर्फ प्रोत्साहित किया, बल्कि कई कंपनियों के साथ निवेश समझौता पत्र पर हस्ताक्षर किए थे। नोएडा में बाकायदा जापान सिटी बसाने के लिए भूमि भी प्रस्तावित की जा चुकी है।
इसी बीच आईआईए भी सक्रिय भागीदारी में जुट गई है। एसोसिएशन ने भारत-जापान औद्योगिक सहयोग को मजबूत करने की कोशिशें शुरू कर दी हैं। इंडो-जापान चैंबर ऑफ कॉमर्स के साथ जूम मीटिंग में आईआईए के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिनेश गोयल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष आलोक अग्रवाल, कोषाध्यक्ष अवधेश अग्रवाल के अलावा दोनों संगठनों के वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल हुए। आईआईए का उद्देश्य यूपी में एमएसएमई के विकास और वैश्विक एकीकरण को सुगम बनाना है, ताकि सीएम के विकसित उत्तर प्रदेश के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाया जा सके।
एमओयू के प्रमुख बिंदु
- एमएसएमई द्वारा उन्नत जापानी तकनीक अपनाने को बढ़ावा दिया जाए, ताकि उनकी उत्पादकता और प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ सके।
- उत्तर प्रदेश में जापानी उद्योगों की स्थापना को सुगम बनाना, जिससे निवेश और औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिल सके।
- भारतीय और जापानी उद्यमों के बीच व्यवस्थित B2B बैठकों और व्यावसायिक सत्रों (B2B sessions) का आयोजन करना।
- एमएसएमई के विकास के लिए 'Kaizen' और JPO-आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रमों जैसी विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त जापानी उत्पादकता पद्धतियों को लागू करना।
- अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप कौशल विकास और क्षमता निर्माण की पहलों को मजबूत करना।
इस सहयोग से गुणवत्ता मानकों में सुधार, निर्यात क्षमता में बढ़ोत्तरी और एमएसएमई को विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान मिलने की उम्मीद है। आईआईए के पदाधिकारियों ने कहा कि यह पहल उत्तर प्रदेश को अंतर्राष्ट्रीय निवेश के लिए पहली पसंद के रूप में बदलने की दिशा में एक दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाती है। इसके साथ ही नवाचार, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और रणनीतिक वैश्विक साझेदारियों के माध्यम से एमएसएमई क्षेत्र को सशक्त बनाती है।
