UP: जिम कार्बेट के एफडी ने किए बाघों के दीदार, टाइगर रिजर्व मुख्यालय पर वन अफसरों से मिले
पीलीभीत, अमृत विचार। जिम कार्बेट नेशनल पार्क (कार्बेट टाइगर रिजर्व) के फील्ड डायरेक्टर दो दिवसीय दौर के तहत पीलीभीत टाइगर रिजर्व पहुंचे। इस दौरान उन्होंने टाइगर रिजर्व में जंगल सफारी कर यहां की जैव विविधता को करीब से देखा और बाघों के दीदार भी किए। वहीं टाइगर रिजर्व मुख्यालय पर वन अफसरों के मुलाकात की और जंगल से जुड़े मुद्दों पर गहनता से चर्चा की।
ट्रेफिक इंडिया (वन्यजीव व्यापार निगरानी) के प्रमुख रहे चुके डॉ. साकेत बड़ौला मंगलवार को पीलीभीत टाइगर रिजर्व पहुंचे। उत्तराखंड वन प्रभाग के वन अफसरों के साथ पहुंचे फील्ड डायरेक्टर का टाइगर रिजर्व के वन अफसरों ने स्वागत किया। मंगलवार को ही फील्ड डायरेक्टर डॉ. साकेत बड़ौला ने अन्य वन अफसरों के साथ जंगल सफारी कर पीलीभीत टाइगर रिजर्व के वन एवं वन्यजीवों को देखा। वन अफसरों से वन एवं वन्यजीवों की सुरक्षा के संबंध में जानकारी ली।
जंगल सफारी के दौरान ही फील्ड डायरेक्टर को एक साथ दो बाघों के दीदार भी हुए। इस दौरान उन्होंने टाइगर रिजर्व के जंगल की जमकर तारीफ की। इधर बुधवार को फील्ड डायरेक्टर अन्य वन अफसरों के साथ टाइगर रिजर्व मुख्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर मनीष सिंह, वन एवं वन्यजीव प्रभाग के डीएफओ भरत कुमार डीके से मुलाकात की। इस दौरान वन अफसरों के बीच वन एवं वन्यजीवों से जुड़े कई मुद्दों पर बातचीत हुई। डिप्टी डायरेक्टर मनीष सिंह ने फील्ड डायरेक्टर को पीलीभीत टाइगर रिजर्व की काफी टेबल बुक भी भेंट की।
टाइगर साइटिंग बेहतर, पर्यटकों के लिए बढ़े सुविधाएं
टाइगर रिजर्व मुख्यालय पहुंचे जिम कार्बेट नेशनल पार्क (कार्बेट टाइगर रिजर्व) के फील्ड डायरेक्टर डॉ. साकेत बड़ौला को पीलीभीत टाइगर रिजर्व में टाइगर साइटिंग खूब भायी। बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि पीलीभीत टाइगर रिजर्व की टाइगर साइटिंग खास है। पर्यटन के मुद्दे पर उन्होंने यहां पर्यटकों के लिए सुविधाएं बढ़ाने की बात कही। कहा कि जंगल से बाहर पर्यटन से जुड़ी व्यवस्थाओं का विस्तार किया जाना चाहिए। इससे वन एवं वन्यजीव सुरक्षित रह सकेंगे।
