UP: जीएसटी फ्रॉड गैंग का भंडाफोड़...फर्जी आईटीसी क्लेम से सरकार को करोड़ों की चपत, 4 गिरफ्तार

Amrit Vichar Network
Published By Monis Khan
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लखीमपुर खीरी, अमृत विचार। फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट(आईटीसी) क्लेम के जरिए सरकार को करोड़ों रुपये का नुकसान पहुंचाने वाले एक गैंग का साइबर पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गैंग के चार शातिर सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके पास से भारी मात्रा में फर्जी दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं। पकड़े गए आरोपियों को जेल भेज दिया गया है, जबकि उनके अन्य साथियों की तलाश जारी है।

सीओ सिटी विवेक तिवारी  ने बताया कि जिले के थाना गौरीफंटा, खमरिया, मोहम्मदी और कोतवाली सदर में जीएसटी फ्रॉड से जुड़े कई मामले दर्ज हैं। इन सभी मामलों की जांच साइबर थाना पुलिस को सौंपी गई थी। विवेचना के दौरान पुलिस के हाथ गिरोह तक पहुंच गए। उन्होंने बताया कि यह गैंग भोले-भाले लोगों को लोन और सरकारी योजनाओं का लालच देकर उनके आधार कार्ड और पैन कार्ड जैसे जरूरी दस्तावेज हासिल करता था।

इसके बाद उन्हीं दस्तावेजों के जरिए फर्जी जीएसटी रजिस्ट्रेशन कराकर कागजी फर्में बनाई जाती थीं। इन फर्जी फर्मों के नाम पर फर्जी बिल और ई-वे बिल तैयार कर करोड़ों रुपये का आईटीसी क्लेम किया गया। पुलिस ने गैंग के सक्रिय सदस्य दीपक सिंह निवासी टिहुरकी थाना रामनगर जिला बाराबंकी, अंकित द्विवेदी निवासी बेहटा पकोड़ी थाना तंबौर, धीरेंद्र सिंह उर्फ कमल निवासी गोरिया कलां कोतवाली देहात जिला सीतापुर और राजू निवासी मिर्जापुर थाना ईसानगर जिला लखीमपुर खीरी को गिरफ्तार कर लिया। 

पुलिस ने आरोपियों के पास से 37 सिम कार्ड, 26 चेकबुक, 16 पैन कार्ड, 20 आधार कार्ड, 21 किरायानामा स्टांप, 3 रबर स्टांप, 5 मोबाइल फोन, 1 लैपटॉप, 1 पेन ड्राइव, डिजिटल सिग्नेचर डिवाइस, 4 जीएसटी रजिस्ट्रेशन, 4 उद्यम रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट, 3 पार्टनरशिप डीड, 1 रिटायरमेंट डीड और 26,100 रुपये नकद बरामद किए हैं। सीओ सिटी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के कुछ साथी अभी फरार हैं। उनकी तलाश में टीमें लगाई गई हैं और जल्द ही पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगी।

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