कानपुर नगर निगम 3359 करोड़ से बदलेगा शहर की सूरत, कार्यकारिणी की बैठक में पास किया गया बजट

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Published By Deepak Mishra
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कानपुर, अमृत विचार। नगर निगम 3359 करोड़ रुपये से शहर की सूरत बदलेगा। नगर की सड़कों को गड्ढा मुक्त किया जाएगा। शहर में गंदगी न फैले इसको लेकर खास प्रबंध किए जाएंगे। रात को अंधरे में सड़कों में आवागमन के दौरान दिक्कत न हो, इसके लिए मार्ग प्रकाश की व्यवस्था की जाएगी। बारिश से पहले नालों की सफाई कराई जाएगी। पेयजल पानी के लिए लाइन बिछाई जाएगी। ताकि शहरवासियों और शहर में आने वाले लोगों को परेशानी न हो सके। 
 
नगर निगम में मंगलवार को महावीर जयंती की छुट्टी होने बावजूद कार्यकारिणी की बैठक आयोजित की गई, जिसमे महापौर प्रमिला पांडेय व नगर आयुक्त आर्पित उपाध्याय के साथ आदि अधिकारी रहे। बैठक में नगर निगम का 3359 करोड़ और जलकल का 418.64 करोड़ रुपये का मूल बजट स्वीकृत किया गया। पार्षद कोटा 50 लाख रुपये से बढ़ाकर 55 लाख किया गया। संपत्ति कर आवासीय व अनावासीय मद में 320 करोड़ में 50 करोड़ की वृद्धि की गई।
 
शासन के निर्देश पर सदन द्वारा नामांतरण शुल्क को एक प्रतिशत से कम कर 25 करोड़ से अब 20 करोड़ किया गया। निस्प्रयोज्य भंडार की बिक्री में आय प्राप्त न होने पर तीन करोड़ से दो करोड़ कम करते हुए एक करोड़ का प्राविधान किया गया। राज्य वित्त आयोग से प्राप्त होने वाले अनुदान में 750 करोड़ में से 150 करोड़ की वृद्धि करते हुए 900 करोड़ प्रस्तावित किया गया।
 
वित्तीय वर्ष 2026-27 में 15वें वित्त आयोग के स्थान पर 16वें वित्त आयोग मद में 500 करोड़ प्रस्तावित किया गया। अवस्थापना निधि व आवास विकास योजना से हस्तांतरित मद में पिछले वर्षों की बकाया अनुदान प्राप्त होने की संभावना में 55 करोड़ से 75 करोड़ की वृद्धि कर 130 करोड़ प्रस्तावित किया गया।
 
वहीं, सीएसआर मद में 50 लाख में दो करोड़ की वृद्धि की गई और 2.50 करोड़ रुपया प्रस्तावित किया गया। कुछ अन्य मद में भी बढ़ोत्तरी की गई है। लेकिन स्वास्थ्य संबंधित मद, गौशाला के रखरखाव, भंडार मद, पार्कों के रखरखाव व खेलकूद मद में कोई बढ़ोत्तरी नहीं की गई।  
 
फ्लैटों में नहीं होगा कोई भी व्यापार 
 
पहली बार पार्षदों के प्रस्ताव पर अलग से निधि रखी गई है, जिसमे साढ़े छह करोड़ रुपये शामिल किए गए। पार्षद राजकिशोर यादव ने कहा कि शहर में हजारों अपार्टमेंटों में बने कई फ्लैटों में विभिन्न प्रकार की व्यावसायिक गतिविधियां की जा रही है, लेकिन वह नगर निगम को कर आवासीय का ही दे रहे है। कई अपार्टमेंट कर भवन के हिसाब से दे रहे है। जबकि कई फ्लैट बने है। इसका सर्वे कराके शिकंजा कसा जाए तो करोड़ों रुपये की आय नगर निगम को होगी। महापौर प्रमिला पांडेय ने कहा कि जोनवार ऐसे अपार्टमेंटों का सर्वे किया जाए। आवासीय की जगह व्यावसायिक प्रयोग होने पर कार्रवाई की जाए। इससे नगर निगम को करीब 10 करोड़ रुपये तक आय की संभावना है। 
 
अलगे सप्ताह होगी फिर से बैठक 
 
पार्षदों ने कहा कि पार्किंग, विज्ञापन और यूजर चार्ज पर कार्रवाई होने से नगर निगम की आय बढ़ सकती है। कर चोरी करने वालों पर कार्रवाई का व्यवस्था की जाए। महापौर ने कहा कि अगले सप्ताह से जोनवार नगर निगम की संपत्तियों को लेकर अफसरों के साथ बैठक की जाएगी। प्रदर्शनी पर भी वार्ता होगी। एक-एक संपत्तियों का सर्वे कराया जाएगा। कब्जेदारों से संपत्तियों को खाली कराया जाएगा और उनका निस्तारण करके आय बढ़ाई जाएगी। कई सामुदायिक केंद्र व बरातशालाओं में कब्जे है या कुछ जर्जर हो चुकी है, जिनको चिह्नित कर विकसित किया जाएगा। इसके अलावा चुन्नीगंज में बना कन्वेंशन सेंटर स्मार्ट सिटी से संचालित करेगा, लेकिन आय का 50 प्रतिशत नगर निगम को जमा करना होगा।  
 
899 करोड़ नहीं हो सका खर्च नहीं कर पाए
 
महापौर प्रमिला पांडेय ने बताया कि नगर निगम का पिछले वित्तीय वर्ष में 2840 करोड़ का बजट था, जिसमें से 899 करोड़ का बजट खर्च नहीं हो पाया है। इसलिए नए वित्तीय वर्ष में 3359 करोड़ का बजट रखा है। जलकल जीएम आनंद कुमार त्रिपाठी ने बताया कि सीवर, पेयजल और मेनहोल के मेंटीनेंस में 10 करोड़ से बजट बढ़ाकर 15 करोड़ किया गया है।
 
वाटर लाइन और ट्यूबवेल मरम्मत में 4.50 करोड़ से बढ़ाकर 5.50 करोड़, नई सीवर व वाटर लाइन बिछाने के मद में अलग-अलग तीन  करोड़ से बढ़ाकर बजट पांच करोड़ किया गया है। बताया कि केमिकल खर्च 4.40 करोड़ से बढ़ाकर पांच करोड़ और डीजल खर्च 17.10 करोड़ से बढ़ाकर 18.70 करोड़ किया गया है।  आवास विकास से 44 करोड़ रुपया आ गया है। वहीं, सीओडी नाले के लिए 56 करोड़ भी आ गया है।

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