‘स्कूल से स्किल’ को बढ़ावा : अटल आवासीय विद्यालयों में लागू होगा ‘प्रोजेक्ट प्रवीण’, 18 विद्यालयों के 3447 विद्यार्थियों को मिलेगा कौशल प्रशिक्षण

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Published By Muskan Dixit
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आईटी, हेल्थकेयर, इलेक्ट्रॉनिक्स और एआई जैसे आधुनिक कोर्स से छात्र होंगे सशक्त

लखनऊ,अमृत विचार: प्रदेश सरकार ने शिक्षा और कौशल विकास को एकीकृत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। उप्र. कौशल विकास मिशन के तहत अब प्रदेश के 18 अटल आवासीय विद्यालयों में ‘प्रोजेक्ट प्रवीण’ लागू किया जाएगा, जिससे 3447 विद्यार्थियों को आधुनिक कौशल प्रशिक्षण मिलेगा।

‘प्रोजेक्ट प्रवीण’ के तहत विद्यार्थियों को आईटी, आईटीईएस, हेल्थकेयर, इलेक्ट्रॉनिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) जैसे आधुनिक क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे पहले यह कार्यक्रम केवल सरकारी और सहायता प्राप्त विद्यालयों तक सीमित था, लेकिन अब अटल आवासीय विद्यालयों को शामिल करने से इसका दायरा और प्रभाव दोनों बढ़ेंगे।

मिशन निदेशक पुलकित खरे की पहल पर कराए गए सर्वे के आधार पर प्रदेश के 18 जिलों- आगरा, अलीगढ़, अयोध्या, आजमगढ़, बस्ती, बांदा, गोंडा, झांसी, कानपुर नगर, लखनऊ, बुलंदशहर, मिर्जापुर, प्रयागराज, गोरखपुर, मुजफ्फरनगर, वाराणसी, बरेली और मुरादाबाद के अटल आवासीय विद्यालयों का चयन किया गया है। इन विद्यालयों के कुल 3447 छात्र-छात्राओं को प्रशिक्षण के लिए पात्र पाया गया है। सर्वे में विद्यार्थियों की विशेष रुचि आईटी, हेल्थकेयर, इलेक्ट्रॉनिक्स और अपैरल सेक्टर में सामने आई है।

अटल आवासीय विद्यालय प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना का हिस्सा हैं, जिनका उद्देश्य श्रमिकों, प्रवासी कामगारों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के प्रतिभावान बच्चों को निःशुल्क आवासीय शिक्षा उपलब्ध कराना है। कक्षा 6 से 12 तक संचालित इन विद्यालयों में अब कौशल प्रशिक्षण जोड़ने से विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को नया आयाम मिलेगा।

मिशन निदेशक पुलकित खरे ने बताया कि ‘प्रोजेक्ट प्रवीण’ 210 घंटे का निःशुल्क कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम है, जिसमें आईटी, ब्यूटी, हेल्थकेयर और इलेक्ट्रॉनिक्स के साथ-साथ सॉफ्ट स्किल्स और इंडस्ट्रियल विजिट भी शामिल हैं। इसके अलावा इसमें ‘एआई फॉर ऑल’ मॉड्यूल को भी जोड़ा गया है, जिससे विद्यार्थी तकनीकी रूप से और अधिक सक्षम बन सकें। उन्होंने कहा कि इस पहल से विद्यार्थियों की उच्च शिक्षा और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे, साथ ही वे आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ सकेंगे।

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