एक ही साल्ट की दवाओं में भारी मूल्य अंतर पर सवाल, BJP पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ने उठाई आवाज, MRP तय करने की मांग
केंद्र सरकार से मूल्य नियंत्रण सख्त करने की अपील
लखनऊ, अमृत विचार: राज्यसभा सांसद डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने दवाओं की कीमतों में भारी असमानता का मुद्दा उठाते हुए केंद्र सरकार से सभी दवाओं के लिए एक समान अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) निर्धारित करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि एक ही साल्ट की दवाओं के दाम में बड़ा अंतर आम लोगों के लिए आर्थिक बोझ बन रहा है।
भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने बुधवार को संसद में शून्यकाल के दौरान उठाए गए इस मुद्दे की जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान में बाजार में एक ही साल्ट की दवा 50 रुपये से लेकर 500 रुपये तक में उपलब्ध है, जो स्पष्ट रूप से मूल्य असंतुलन को दर्शाता है।
इससे गरीब और मध्यम वर्ग के मरीजों का आर्थिक शोषण हो रहा है। वाजपेयी ने कहा कि सरकार ने आयुष्मान भारत योजना और जन औषधि केंद्रों के माध्यम से सस्ती दवाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया है, लेकिन निजी क्षेत्र में मूल्य असमानता अभी भी बड़ी समस्या बनी हुई है।
सांसद ने यह भी सुझाव दिया कि डॉक्टरों को दवाओं के ब्रांड नाम के बजाय साल्ट नाम लिखना चाहिए, जिससे मरीजों को सस्ती दवा का विकल्प मिल सके। साथ ही दवा कंपनियों की मनमानी पर रोक लगाने के लिए सख्त मूल्य नियंत्रण लागू किया जाए।
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