हाईटेक सुरक्षा में अभेद्य किला बना नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, पांच नई पुलिस चौकियों और दो अग्निशमन केंद्रों के साथ सुदृढ़ सुरक्षा मॉडल

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Published By Muskan Dixit
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नो-फ्लाई जोन, एंटी-ड्रोन और हाईटेक निगरानी से एयरपोर्ट सुरक्षा को नई ऊंचाई

लखनऊ/नोएडा, अमृत विचार : नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के उद्घाटन के अवसर पर सुरक्षा व्यवस्था का मॉडल देश के लिए मिसाल बन गया। एयरपोर्ट और इसके आसपास के क्षेत्र को बहुस्तरीय और हाईटेक सुरक्षा घेरे में तब्दील किया गया है। पांच नई अस्थायी पुलिस चौकियों का निर्माण और दो स्थानों पर 7-7 यूनिट के अग्निशमन केंद्र स्थापित किए गए हैं, जिससे अप्रिय परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई संभव हो सके।

जॉइंट पुलिस कमिश्नर राजीव नारायण मिश्रा के अनुसार, एयरपोर्ट सुरक्षा और संचालन के लिए कुल 70 पुलिसकर्मी जेवर इमिग्रेशन कोर्स के माध्यम से विशेष प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं। इसमें तीन निरीक्षक, 24 उपनिरीक्षक, 17 मुख्य आरक्षी और 26 आरक्षी शामिल हैं। आगामी प्रशिक्षण के लिए 61 और पुलिसकर्मियों का नामांकन भी किया गया है। इसके अतिरिक्त, थाना जेवर डॉमेस्टिक टर्मिनल के लिए 35 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं, जिसमें निरीक्षक, उपनिरीक्षक, मुख्य आरक्षी और तकनीकी स्टाफ शामिल हैं।

पुलिस चौकियों और वाहनों से मजबूत निगरानी

एयरपोर्ट क्षेत्र में माइल स्टोन-15, 27 और 32, कार्गो टर्मिनल और डॉमेस्टिक टर्मिनल में पांच नई चौकियां स्थापित की गई हैं। इन चौकियों के माध्यम से परिधि सुरक्षा सुदृढ़ की गई है और आवागमन मार्गों की निगरानी प्रभावी ढंग से सुनिश्चित की जा रही है। पीसीआर/पीआरवी वाहनों के माध्यम से लगातार गश्त की जा रही है और सुरक्षा हर समय सक्रिय रहती है।

अग्नि सुरक्षा के लिए हाईटेक उपाय

यमुना प्राधिकरण क्षेत्र के सेक्टर-32 और सेक्टर-18 में दो नए अग्निशमन केंद्र बनाए जा रहे हैं। प्रत्येक केंद्र में एक अग्निशमन अधिकारी, 3 द्वितीय अधिकारी, एक एएसआईएम, 8 एलएफएम, 9 चालक और 44 फायरमैन तैनात किए जाएंगे। इससे किसी भी आपात स्थिति में तुरंत और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित होगी।

नो-फ्लाई जोन और हाईटेक निगरानी

पीएम नरेंद्र मोदी के उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान पुलिस कमिश्नर (गौतमबुद्ध नगर) लक्ष्मी सिंह के नेतृत्व में पूरे क्षेत्र में पांच-स्तरीय सुरक्षा घेरे बनाए गए। हाईटेक एंटी-ड्रोन सिस्टम, 200 डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर, बम डिस्पोजल स्क्वाड, एंटी-सैबोटाज चेक और स्निफर डॉग्स तैनात किए गए। लगभग 5000 पुलिसकर्मी, पीएसी, आरएएफ, एटीएस, सीआईएसएफ और एसपीजी सुरक्षा में मुस्तैद रहे। सोशल मीडिया मॉनिटरिंग, कंट्रोल रूम, हेल्प डेस्क और एनडीआरएफ/एसडीआरएफ अलर्ट जैसी व्यवस्थाओं के साथ 20,000 वाहनों की पार्किंग का विशेष इंतजाम भी किया गया।

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