समाचार पत्र पढ़कर छात्रों ने की नए सत्र की शुरुआत, प्रदेश के सभी जिलों को जारी किया गया निर्देश
लखनऊ, अमृत विचार: समसामयिक घटनाओं की जानकारी से अवगत होने और शब्दज्ञान बढ़ाने के लिए विद्यार्थियों ने नए सत्र में अपनी कक्षाओं का शुभारंभ समाचार पत्र पढ़कर किया। माध्यमिक विद्यालयों में नए सत्र का आरंभ बुधवार से कर दिया गया है। प्रार्थना सभा के बाद छात्र-छात्राओं ने समाचार पत्रों का वाचन किया। इसके लिए विद्यालयों में समाचार पत्रों की उपलब्धता और इसे विद्यार्थियों को उपलब्ध कराए जाने को लेकर दिशा-निर्देश जारी किया गया था।
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निर्देश के अनुसार, बच्चों की स्कूली दिनचर्या में अनिवार्य रूप से समाचार पत्रों को शामिल किया जाए। जिससे बच्चों की स्क्रीन टाइमिंग कम हो सके और पठन-संस्कृति को बढ़ावा दिया जाए। इसके लिए एसीएस पार्थसारथी शर्मा की ओर से निर्देश दिया गया था कि स्कूल की प्रार्थना सभा में प्रमुख समाचारों का वाचन किया जाएगा साथ ही “आज के शब्द प्रतियोगिता” भी कराई जाएगी।
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हर समय मोबाइल देखने की आदत से बच्चों को दूर करने के लिए प्रत्येक विद्यालय के सभी विद्यार्थियों को चक्रानुसार समाचार पत्र उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। मंडल के विज्ञान प्रगति अधिकारी डॉ. दिनेश कुमार ने बताया कि मंडल के माध्यमिक विद्यालयों में पठन संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए समाचार पत्र वाचन को स्कूली दिनचर्या का अभिन्न अंग बनाया जाएगा।
यह होंगी गतिविधियां
1-पुस्तकालय में समाचार पत्रों की उपलब्धता।
2-प्रार्थना सभा में वाचन।
3- शब्दावली एवं "आज का शब्द"।
4-विद्यालय समाचार पत्र व पत्रिका का संपादन।
5- लेखन एवं अभिव्यक्ति के अन्तर्गत कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों को सप्ताह में एक बार किसी संपादकीय विषय पर अपने मौलिक विचार लेखन व समूह चर्चा करवाया जाना।
6- सामुदायिक एवं स्थानीय जागरूकता।
7-पहेली एवं मानसिक अभ्यास।
8- समाचार कतरन संग्रह।
