वाराणसी पुलिस की बड़ी कार्रवाई : युवाओं को नौकरी का झांसा देकर ठगने वाले गिरोह का भंडाफोड़, छह सदस्य हिरासत में
वाराणसी। उत्तर प्रदेश में वाराणसी के सारनाथ इलाके में फर्जी कॉल सेंटर की आड़ में नौजवानों को नौकरी का झांसा देकर ठगने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। स्थानीय निवासियों की सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने गिरोह के छह सदस्यों को हिरासत में लिया है। मंगलवार को पुलिस उपायुक्त (वरुणा) प्रमोद कुमार के निर्देश पर सहायक पुलिस आयुक्त विदुष सक्सेना और सारनाथ थाना प्रभारी पंकज त्रिपाठी की संयुक्त टीम ने छापेमारी कर इस बड़े फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ किया।
पुलिस मौके से बरामद दस्तावेजों की सघन जांच कर रही है। सहायक पुलिस आयुक्त विदुष सक्सेना ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से स्थानीय लोग पुलिस को संदिग्ध गतिविधियों की सूचना दे रहे थे। लोगों का कहना था कि इस ठिकाने पर बड़ी संख्या में युवाओं का आना-जाना लगा रहता है, जो पूछने पर कुछ भी बताने से कतराते हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर सेल और सारनाथ थाने की एक संयुक्त टीम का गठन कर निरीक्षण किया गया। जब वहां छापेमारी की गई, तो पता चला कि यह गिरोह मल्टी-लेवल मार्केटिंग और पिरामिड स्कीम के नाम पर युवाओं से नौकरी दिलाने के बहाने धोखाधड़ी कर रहा था।
छापेमारी के दौरान मौके से करीब 250 युवा मिले, जिनमें से अधिकांश पूर्वी उत्तर प्रदेश (पूर्वांचल) और बिहार के रहने वाले हैं। पीड़ित युवाओं ने पूछताछ में बताया कि उन्हें नौकरी का झांसा देकर यहां बुलाया गया था और रजिस्ट्रेशन फीस के नाम पर प्रति व्यक्ति 30,000 रुपये वसूले गए थे। पैसे ऐंठने के बाद युवाओं के लिए नियमित रूप से ट्रेनिंग सेशन आयोजित किए जाते थे। इसमें उन्हें पिरामिड स्कीम समझाई जाती थी और अपने दोस्तों व परिजनों को इस जाल में फंसाने के लिए मोटिवेट (प्रेरित) किया जाता था।
गिरोह के चंगुल में फंसे कई युवाओं ने अपने भाई, बहन और चचेरे रिश्तेदारों को भी वहां बुला लिया था, जिनसे भी मोटी रकम वसूली गई। युवाओं को गुमराह करने के लिए एक 'फेस प्रोडक्ट' का सहारा लिया जा रहा था। पुलिस के अनुसार, पैसे डूबने के डर से ये युवा मानसिक रूप से बंधक जैसी स्थिति में रह रहे थे। वे इस उम्मीद में वहां रुके हुए थे कि किसी तरह उनका पैसा वसूल हो जाए, हालांकि कुछ लोग पहले ही यहां से भाग चुके थे।
यह गिरोह सोशल मीडिया और ऑनलाइन विज्ञापनों के जरिए जाल बिछाता था। जैसे ही कोई युवा इनके संपर्क में आता, उसे झांसे में लेकर आगे अन्य लोगों को जोड़ने का दबाव बनाया जाता था। फिलहाल पुलिस पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ कर रही है और गिरोह के मुख्य सरगनाओं की तलाश जारी है।
