बाराबंकी में सूर्यदेव का सितम, भीषण उमस के आगे फेल हुए पंखे और कूलर; 'हाय गर्मी उफ गर्मी' का रोना
बाराबंकी, अमृत विचार। मंगलवार को जेठ माह पूरी रंगत पर रहा। सुबह चली हवा ने कुछ राहत दी पर हवा थमते ही उमस भरी गर्मी ने ऐसा पैर पसारा कि लोग पसीने से नहा उठे। पूरे दिन हाय गर्मी उफ गर्मी रोना बना रहा। पंखा कूलर किसी काम नहीं आए बस एसी ही शरीर को राहत दे पाई।
सुबह की शुरुआत तेज हवा के साथ हुई तो लोगों को काफी राहत मिली लेकिन राहत आफत में तब बदली जब हवा थम गई और सूर्यदेव ने आग बरसानी शुरु की। भीषण उमस का माहौल बना और हर कोई पसीने से तरबतर हो गया।
क्या पेड़ क्या छांव कहीं सुकून बिताने लायक जगह नहीं बची। घरों से लेकर बाहर पंखे कूलर खूब चले पर शीतलता का एहसास कहीं नहीं मिला। एकमात्र एसी ही इस गर्मी से बचाव करती दिखी। गर्मी के तेवरों से परेशान लोग किसी तरह दिन गुजरने के इंतजार में रहे।
एक तरफ इंसान तो दूसरी ओर पशु पक्षी भी बेहाल हो गए। भीषण गर्मी के लिए मशहूर जेठ माह आज चरम पर सितम बरसाता दिखा। स्कूलों में ग्रीष्मावकाश घोषित होने से बच्चे सुकून में रहे लेकिन कहीं घूम आने का प्लान भी बनता रहा। मंगलवार को पारा भले ही 41 डिग्री के आसपास रहा लेकिन उमस ने जमकर कहर बरसाया।
