Bareilly: एक सप्ताह में किसानों को होगा भुगतान...आश्वासन पर माने भगवत सरन ने धरना किया खत्म
बरेली, अमृत विचार। गन्ना किसानों के भुगतान को लेकर गुरुवार सुबह पूर्व मंत्री भगवत सरन गंगवार एसडीएम आवास के सामने धरने पर बैठ गए थे। उनका धरना शुरू होने के बाद पुलिस और प्रशासनिक अफसर तुरंत हरकत में आए। दोपहर को आश्वासन देकर मंत्री का धरना खत्म करा दिया गया।
दरअसल नवाबगंज में ओसवाल चीनी मिल का किसानों का करोड़ों रुपये का भुगतान न किए जाने, आवारा पशुओं के आतंक और विद्यालयों में स्टाफ की भारी कमी जैसी समस्याओं को लेकर समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता और पूर्व मंत्री भगवत सरन गंगवार ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। गुरुवार सुबह करीब आठ बजे पूर्व मंत्री सैकड़ों किसानों के साथ नवाबगंज एसडीएम आवास के सामने धरने पर बैठ गए। पूर्व मंत्री के अचानक धरने पर बैठने से पुलिस और प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। भारी संख्या में किसानों की मौजूदगी को देखते हुए मौके पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया।
पूर्व मंत्री भगवत सरन गंगवार का कहना था कि कि उन्होंने 17 मार्च को ही ज्ञापन देकर चेताया था कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं तो वह प्रदर्शन करेंगे। इसके बाद 2 अप्रैल को दोबारा एसडीएम को अवगत कराया गया और बुधवार शाम सीओ कार्यालय के पास धरना प्रदर्शन के लिए टेंट लगवाया गया था। आरोप है कि बुधवार रात प्रशासन ने तानाशाही रवैया अपनाते हुए उस टेंट को उखड़वा दिया। प्रशासन की इसी कार्रवाई से नाराज होकर पूर्व मंत्री और किसान सुबह ही धरने पर बैठ गए।
उनका कहना है कि जब तक किसानों की जायज मांगें नहीं मानी जातीं, वे वहां से नहीं हटेंगे। धरने के दौरान पूर्व मंत्री ने ओसवाल चीनी मिल पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि किसानों का पिछले ढाई साल से 70 करोड़ रुपये से अधिक का बकाया है। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने औपचारिकता के लिए मिल प्रबंधक के खिलाफ मुकदमा तो दर्ज कर लिया, लेकिन गिरफ्तारी न होने के कारण मिल प्रबंधन पर कोई दबाव नहीं है। आवारा जानवरों की समस्या से किसान रात-भर जागने को मजबूर हैं।
धरने की सूचना मिलने के बाद एसडीएम उदित पवार और सीओ नीलेश मिश्रा, सपा विधानसभा अध्यक्ष अनिल गंगवार के साथ बंद कमरे में वार्ता हुई ताकि भुगतान और अन्य मुद्दों पर कोई ठोस समाधान निकल सके। एसडीएम ने एक सप्ताह में किसानो का भुगतान समेत अन्य मांगों को लेकर निस्तारण का आश्वासन दिया। जिसके बाद धरना समाप्त कर दिया गया।
