अमेठी की पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष चंद्रमा देवी को राहत, फर्जीवाड़ा मामले में मिली जमानत

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Published By Deepak Mishra
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सुलतानपुर। उत्तर प्रदेश के अमेठी की पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष चंद्रमा देवी को सोमवार को जमानत मिल गई। अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय राकेश पाण्डेय की अदालत ने 50 हजार रुपये के मुचलके पर उनकी जमानत मंजूर की। चंद्रमा देवी भाजपा के जिला पंचायत अध्यक्ष व प्रसिद्ध मसाला व्यवसाई राजेश अग्रहरि की पत्नी हैं। न्यायालयीय सूत्रों के अनुसार पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष चंद्रमा देवी को फर्जी प्रमाण पत्र जारी करने सहित धोखाधड़ी के आरोपों से जुड़े एक मामले में गुरुवार को जेल भेजा गया था। 

उन्होंने इलाहाबाद हाईकोर्ट के निर्देश पर एसीजेएम चतुर्थ भव्या श्रीवास्तव की अदालत में आत्मसमर्पण किया था, जहां उनकी जमानत अर्जी खारिज हो गई थी। इसके बाद प्रभारी जिला जज राकेश पांडेय की अदालत में उनकी अंतरिम जमानत पर सुनवाई हुई। पूर्व नपं अध्यक्ष के अधिवक्ता अरविंद सिंह राजा ने जमानत का अनुरोध किया, लेकिन परिवादी घनश्याम सोनी के अधिवक्ता अजीजुर्रहमान और डीजीसी क्रिमिनल राम अचल मिश्र ने इसका विरोध किया। 

सुनवाई के बाद प्रभारी जिला जज ने अंतरिम जमानत अर्जी खारिज कर दी थी। मामला अमेठी के उद्योग व्यापार मंडल के नगर अध्यक्ष घनश्याम सोनी द्वारा दायर एक परिवाद से संबंधित है। घनश्याम सोनी ने चंद्रमा देवी के अलावा लल्लू प्रसाद सोनी, लालजी सोनी, पुजारी लाल सोनी और संगम लाल सोनी के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। सोनी का आरोप है कि नगर पंचायत अध्यक्ष रहते हुए चंद्रमा देवी ने धोखाधड़ी कर उनका मकान इन चारों व्यक्तियों के नाम दर्ज कर दिया था। 

अदालत ने इस मामले में 8 फरवरी 2024 को सभी आरोपियों को विचारण के लिए तलब किया था। जेल भेजे जाने के बाद गुरुवार रात करीब 11 बजे चंद्रमा देवी को एम्बुलेंस से राजकीय मेडिकल कॉलेज ले जाया गया था। उन्हें उच्च रक्तचाप (हाई बीपी) सहित अन्य स्वास्थ्य संबंधी शिकायतें थीं, जिसके बाद डॉक्टरों ने उन्हें अस्पताल में भर्ती कर लिया था। उस समय उनके पति और भाजपा जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश अग्रहरि उर्फ राजेश मसाला अपने समर्थकों के साथ अस्पताल में मौजूद थे। 

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