बाराबंकी : नहीं रहे कद्​दावर नेता संग्राम सिंह, जिले में शोक की लहर, श्रद्धांजलि देने वालों का लगा तांता

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Edited By Amrit Vichar
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बाराबंकी, अमृत विचार। तीन बार विधायक व यूपी सरकार में दो बार मंत्री रहे जिले के कद्​दावर नेता संग्राम सिंह वर्मा का 92 साल की उम्र में निधन हो गया। एक सप्ताह से तबीयत अधिक खराब होने की वजह से उन्हे लखनऊ स्थित एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उन्होने सोमवार की दोपहर अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर सुनते ही राजनीतिक दलों, शुभचिंतकों व गांव में दुख की लहर दौड़ गई। हर किसी ने नम आंखों से उन्हे भावभीनी श्रद्धांजलि दी।

हरख ब्लाक के ग्राम जरमापुर के मूल निवासी संग्राम सिंह वर्मा ने राजनीति में कदम रखा तो इसके असर से परिजन भी अछूते नहीं रहे। 21 जुलाई 1938 को जन्मे संग्राम सिंह शुरुआत से ही जुझारु प्रवृत्ति के थे। वर्ष 1958 में उनका विवाह बिन्देश्वरी देवी से हुआ। उनका मूल व्यवसाय कृषि ही रहा। एक बार राजनीतिक में आने के बाद उन्होने पीछे मुड़ कर नहीं देखा। हालांकि उनके लंबे राजनीतिक जीवनकाल में उतार चढ़ाव भी आए पर वह डिगे नहीं।

एक मध्यावधि चुनाव को मिलाकर वह तीन बार विधानसभा पहुंचे। इसी तरह वह कल्याण सिंह की सरकार में विकास राज्यमंत्री तो मायावती सरकार में रेशम राज्यमंत्री रहे। पूर्व विधायक हरदेव रावत हत्याकांड में उनका नाम आया हालांकि वह निर्दोष साबित हुए। राजनीति के साथ ही वह धर्मार्थ कार्य के लिए भी प्रसिद्ध हुए। उन्होने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए 51 लाख की धनराशि दान दी, जो उस समय चर्चा का विषय बनी थी। दलगत बदलाव भी चलता रहा।

कांग्रेस से पहली बार चुनाव लड़े संग्राम सिंह ने 2017 में भाजपा में एंट्री मारी तो बसपा में भी उनका दबदबा रहा। 2022 में उन्होने भाजपा छोड़कर सपा का दामन थाम लिया। हालांकि राजनीति ने परिवार में इस तरह दखल दिया कि उनके छोटे भाई सुरेन्द्र सिंह वर्ष 2002 में हरख ब्लाक के प्रमुख बने। इसके बाद संग्राम सिंह की अनुजवधू शीला सिंह दो बार जिला पंचायत अध्यक्ष रहीं।

वर्तमान में शीला सिंह नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष हैं। इसके बाद वह एक तरह से विराम लेते दिखे। स्वास्थ्य भी गड़बड़ हुआ तो बढ़ती उम्र ने भी असर दिखाया, हालांकि उनसे मिलने जुलने वालों का सिलसिला जारी रहा और बाराबंकी से उनका नाता अटूट देखा गया। लखनऊ स्थित आवास पर लंबे समय से रह रहे संग्राम सिंह की एक सप्ताह से तबीयत अधिक गड़बड़ थी।

जिसके चलते उन्हे एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया पर सोमवार को संग्राम सिंह वर्मा ने दुनिया को अलविदा कह दिया। निधन के बाद संग्राम सिंह वर्मा को श्रृद्धांजलि देने पूर्व कैबिनेट मंत्री अरविंद सिंह गोप, राकेश वर्मा, पूर्व सांसद डॉ. पीएल पुनिया, पूर्व एमएलसी हरगोविंद सिंह, राजेश यादव राजू समेत तमाम जनप्रतिनिधि पहुंचे। मंगलवार सुबह बाराबंकी के लक्ष्मणपुरी कालोनी स्थित घर पर दर्शन के बाद पार्थिव शरीर 11 बजे अंतिम संस्कार के लिए मूल गांव जरमापुर ले जाया जाएगा।

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