Uttrakhand: कुकिंग ऑयल ने लगाया महंगाई का छौंका, दाम बढ़े और पैकेट छोटे
हल्द्वानी, अमृत विचार। शहर में रसोई का बजट लगातार बिगड़ता जा रहा है। कुकिंग ऑयल की कीमतों में अचानक आई तेजी ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। खासकर रिफाइंड और सरसों तेल के दामों में उछाल के साथ-साथ पैकेट की मात्रा में कमी ने उपभोक्ताओं को दोहरी मार दी है।
बाजार में रिफाइंड ऑयल की कीमतें अब 190 से 210 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई हैं, जबकि सरसों तेल 200 से 220 रुपये प्रति लीटर के बीच बिक रहा है। कुछ समय पहले तक ये कीमतें काफी कम थीं, लेकिन अब अचानक बढ़ोतरी ने घरेलू बजट को प्रभावित कर दिया है। कीमतों में बढ़ोतरी के साथ कंपनियों ने एक और बदलाव किया है। तेल के पैकेट का आकार छोटा कर दिया गया है। जहां पहले 1 लीटर के पैक आम थे, वहीं अब रिफाइंड ऑयल 750 एमएल और सरसों तेल 910 ग्राम के पैकेट में ज्यादा देखने को मिल रहा है।
इसके पीछे वजह यह हो सकती है कि उपभोक्ताओं को बढ़ रही कीमतों का अहसास न हो। स्थानीय दुकानदारों के अनुसार, पहले 750 एमएल सोयाबीन रिफाइंड ऑयल लगभग 130 रुपये में मिल जाता था, जो अब बढ़कर करीब 150 रुपये हो गया है। इसी तरह 910 ग्राम सरसों तेल का पैकेट पहले 150 रुपये तक उपलब्ध था, जो अब 160 रुपये तक पहुंच गया है। यानी दोनों ही प्रकार के तेलों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। दमुवाढूंगा के दुकानदार हेम कांडपाल ने बताया कि बीच में कुकिंग ऑयल के रेट काफी कम हो गए थे। इससे ग्राहकों को राहत मिली थी। साथ ही पैकेट छोटा करने से ग्राहकों को कोई फायदा नहीं है, उन्हें अपने घर की जरूरतों के हिसाब से ही तेल खरीदना पड़ता है।
घरेलू बजट पर असर, मांग बनी हुई
हल्द्वानी। बमौरी निवासी मोनू बिष्ट का कहना है कि सोयाबीन रिफाइंड और सरसों तेल की मांग सबसे ज्यादा है, क्योंकि ये रोजमर्रा की जरूरत का हिस्सा हैं। ग्राहक लक्ष्मी बिष्ट ने बताय कि तेल के पैकेट छोटे करने से क्या होगा। जितनी जरूरत है उतना कुकिंग ऑयल लेना ही पड़ेगा।
युद्ध की वजह से बढ़ रहे हैं रेट
हल्द्वानी। मंडी कारोबारियों का कहना है कि कुकिंग ऑयल के रेट युद्ध की वजह से बढ़ रहे हैं। रिफाइंड ऑयल बनाने के लिए जो सामान चाहिए उसमें काफी सामान बाहर देशों से आता है। युद्ध का इस पर प्रभाव पड़ा है लेकिन सरसों तेल का रेट बढ़ना समझ से परे हैं क्योंकि सरसों की खेती अच्छी हुई है। मंडी में कारोबारी राकेश गुप्ता ने बताया कि अनुमान था कि अच्छी फसल के बाद सरसों तेल प्रति किलो 15 से 20 रुपये टूटेगा और इसकी डिमांड में उछाल आएगा लेकिन रिफाइंड का मूल्य बढ़ा तो सरसों तेल का भी मूल्य बढ़ा दिया गया है। कहा कि इस समय हर तरह के कुकिंग ऑयल के दाम में उछाल आया है।
