नौकरी छोड़ गुलाबी फल से बदली अपनी किस्मत

Amrit Vichar Network
Published By Anjali Singh
On

कहते हैं कि अगर इरादे मजबूत हों और सोच वैज्ञानिक, तो मिट्टी भी सोना उगलने लगती है। बरेली के भोजीपुरा स्थित गांव महिमा पट्टी निवासी यशपाल (48) ने इसे सच कर दिखाया है। एमबीए की पढ़ाई के बाद एक निजी कंपनी में नौकरी करने वाले यशपाल ने कोरोना काल के संकट को अवसर में बदलते हुए खेती को अपना बिजनेस बनाया। आज वे गुलाबी फल, जिसे दुनिया “ड्रैगन फ्रूट” के नाम से जानती है, की खेती कर सालाना लाखों रुपये का मुनाफा कमा रहे हैं।

यशपाल बताते हैं कि उनका लक्ष्य हमेशा से बिजनेस करना था, इसीलिए उन्होंने एमबीए किया। 2020 में जब कोरोना की लहर ने नौकरियों पर संकट खड़ा किया, तो उन्होंने निजी नौकरी छोड़ने का साहसिक फैसला लिया। हालात सामान्य होने पर उन्होंने ड्रैगन फ्रूट की खेती का मन बनाया और इसके गुर सीखने के लिए महाराष्ट्र और गुजरात के मॉडल फार्म्स का दौरा कर वहां से विधिवत प्रशिक्षण लिया। -महिपाल गंगवार, बरेली

यशपाल ने 2023 में महज 48 पौधों के साथ ड्रैगन फ्रूट फैक्ट्री की शुरुआत की थी। आज वैज्ञानिक पद्धति और कड़ी मेहनत के दम पर उनके पास 25 हजार पौधे हैं। यशपाल के अनुसार, यह एक लॉन्ग टर्म बिजनेस है, जिसमें निवेश केवल एक बार करना होता है। तीन एकड़ में फैली इस खेती से वे सालाना 10 से 12 लाख रुपये कमा रहे हैं। एक बार बाग पूरी तरह तैयार होने पर सालाना मुनाफा 20 लाख रुपये तक पहुंच सकता है।

इस सफलता में यशपाल के बड़े भाई और सेवानिवृत्त सैनिक सूरजपाल उनका पूरा साथ देते हैं। आज यशपाल न केवल खुद आत्मनिर्भर बने हैं, बल्कि उन्होंने 10 लोगों को रोजगार भी दिया है। वे अब तक चार नए फार्म खुलवा चुके हैं और अन्य किसानों को भी इस आधुनिक खेती का प्रशिक्षण दे रहे हैं। वह कहते हैं कि सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि उन्हें मंडी के चक्कर नहीं काटने पड़ते, फल की गुणवत्ता ऐसी है कि व्यापारी खुद खेत पर आकर ड्रैगन फ्रूट ले जाते हैं, जिससे उन्हें मार्केटिंग की कोई चिंता नहीं रहती। उनका साफ कहना है कि अगर विजन वैज्ञानिक हो, तो खेती किसी भी कॉर्पोरेट नौकरी से बेहतर रिटर्न दे सकती है। 

औषधीय गुणों से होता है भरपूर ड्रैगन फ्रूट

वायरल तस्वीर (21)

ड्रैगन फ्रूट की ऊपरी सतह पर गुलाबी और लाल रंग का होता है, जबकि अंदर का भाग पीले रंग का होता है। इसके सेवन से रक्ताल्पता की समस्या दूर होती है। साथ ही फाइबर व विटामिन सी की अच्छी मात्रा होने के चलते इस फल के सेवन से कई और बीमारियों में काफी हद तक निजात मिलती है। ड्रैगन फ्रूट के पौधे को 36 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान और हल्के पानी की आवश्यकता होती है और इसकी खेती से बहुत सकारात्मक परिणाम मिलते हैं।