Moradabad पश्चिमी विक्षोभ से लगा सूरज की तपिश पर ब्रेक, मौसम का फिर यू-टर्न
मुरादाबाद, अमृत विचार। पश्चिमी विक्षोभ ने सूरज की तपिश पर शुक्रवार को ब्रेक लगा दिया। मौसम ने फिर यू टर्न लिया। सुबह से बादल छाए रहे। दो दिन तेज धूप और तपिश के बाद बादल व ठंडी हवा चली। हालांकि दोपहर बाद हल्की धूप के बीच बादलों का उमड़ना घुमड़ना जारी रहा। बारिश की संभावना मौसम विभाग ने जताई है।
पर्यावरणीय परिस्थितियों का असंतुलन इन दिनों भारी पड़ रहा है। कभी पश्चिमी विक्षोभ के चलते मौसम बदलने से बूंदाबांदी व कहीं हल्की बारिश हो रही है तो दो तीन दिन बाद नीनो प्रभाव से सूरज की तपिश बढ़ रही है। आए दिन मौसम के रंग से लोग परेशान हैं। कभी तेज धूप से सूरज की किरणें झुलसाने पर आमादा दिख रही हैं तो कभी बादल व बूंदाबांदी व हल्की बारिश ठंड लौटा रही है। शुक्रवार को सुबह से लेकर दोपहर तक बादल रहने और ठंडी हवा से मौसम सुहाना हुआ तो दोपहर बाद हल्की धूप निकली।
बीच-बीच में बादल उमड़ते घुमड़ते रहे। अधिकतम तापमान 32.4 और न्यूनतम गिरकर 20 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। आर्द्रता 40 प्रतिशत रहा। शनिवार को अधिकतम और न्यूनतम तापमान में एक-एक डिग्री की कमी और आने का अनुमान मौसम विभाग ने जताया है। अगले सप्ताह फिर मौसम यूं ही बनता बिगड़ता रहेगा। दो दिन धूप के बाद दो दिन बारिश का अनुमान जताया गया है।
मौसम के रंग से बीमार पड़ रहे लोग
मौसम के बदलते रंग और तापमान में असंतुलन से लोग बीमार पड़ रहे हैं। इसके प्रभाव से बीमार जिला अस्पताल व निजी अस्पतालों में इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। बालरोग विशेषज्ञ डॉ. रवि गंगल का कहना है कि मौसम में असंतुलन से खासकर बच्चे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। इन दिनों वायरल बुखार, सांस फूलना, सर्दी, जुकाम, छींक, पेट में दर्द की दिक्कत हो रही है। इसलिए सावधानी बरतने की जरूरत है। सुबह और शाम छोटे बच्चों को घर से बाहर ले जाएं तो मोटे कपड़े पहनाएं। आइसक्रीम, कोल्ड ड्रिंक्स का सेवन न करने दें। ताजा सुपाच्य भोजन दें।
मौसम बढ़ा रहा किसानों की चिंता
एक तरफ किसानों के माथे पर चिंता है कि गेहूं पककर खेत में खड़ा है बारिश से उनकी फसल खराब हो रही है। गेहूं की बालियों के दाने काले पड़ रहे हैं। जिससे उनको प्रयोग व बिक्री में नुकसान उठाना तय है। क्योंकि सरकारी केंद्रों पर भी बारिश में भीगकर काले पड़ गए गेहूं के दाने को केंद्रों पर रिजेक्ट कर देने की गाइडलाइन है। वहीं खुले बाजार में भी उपज का दाम ठीक नहीं मिलने की चिंता उन्हें सता रही है।
