कलपक्कम में प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर भारत की तकनीकी उत्कृष्टता का प्रतीक: CM योगी आदित्यनाथ
लखनऊः उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को कहा कि कलपक्कम में प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर हमारी तकनीकी उत्कृष्टता और राष्ट्रीय महत्वाकांक्षा का प्रतीक है। मंगलवार को 'एक्स' पर अंग्रेजी भाषा में किए गए पोस्ट में योगी आदित्यनाथ ने कहा, ''भारत परमाणु शक्ति के एक नए युग में प्रवेश कर रहा है। कलपक्कम में प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर हमारी तकनीकी उत्कृष्टता और राष्ट्रीय महत्वाकांक्षा का प्रतीक है। अपने विशाल थोरियम भंडार का उपयोग करके, भारत ऊर्जा क्षेत्र में वर्चस्व और दीर्घकालिक आत्मनिर्भरता की दिशा में एक निर्णायक कदम उठा रहा है।''
https://twitter.com/myogiadityanath/status/2041399136319414342?s=20
आदित्यनाथ ने पोस्ट में कहा, ''प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के साहसिक और दूरदर्शी नेतृत्व द्वारा निर्देशित, यह उपलब्धि ऊर्जा क्षेत्र के वैश्विक अगुआ के रूप में भारत के उदय को मजबूत करती है। इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर हमारे समर्पित वैज्ञानिकों और अभियंताओं को बधाई।'' उप्र के मुख्यमंत्री ने पोस्ट पर एक आधिकारिक बयान भी साझा किया।
इस बयान में कहा गया है कि भारत के परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि के तहत कलपक्कम स्थित 500 मेगावाट प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर (पीएफबीआर) ने छह अप्रैल (सोमवार) को सफलतापूर्वक 'पहली क्रिटिकैलिटी' हासिल कर ली। किसी फास्ट ब्रीडर रिएक्टर में क्रिटिकैलिटी का मतलब नियंत्रित परमाणु विखंडन श्रृंखला प्रतिक्रिया की उस अवस्था से है जब रिएक्टर स्वचालित रूप से ऊर्जा उत्पन्न करने लगता है और वह भी पूरी तरह से नियंत्रित और सुरक्षित तरीके से।
इस रिएक्टर का प्रौद्योगिकी विकास और डिजाइन स्वदेशी रूप से इंदिरा गांधी परमाणु अनुसंधान केंद्र द्वारा किया गया था, जो परमाणु ऊर्जा विभाग का एक अनुसंधान एवं विकास केंद्र है। इसका निर्माण और संचालन भारतीय परमाणु विद्युत निगम लिमिटेड द्वारा किया गया जो परमाणु ऊर्जा विभाग के अधीन एक सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम है।
