अदरक का तेल बनेगा सोरायसिस के लिए रामबाण, CSIR-CIMAP के शोध में सामने आए चौंकाने वाले परिणाम

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Published By Muskan Dixit
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मार्कण्डेय पाण्डेय, लखनऊ, अमृत विचार: त्वचा की गंभीर और लंबे समय तक परेशान करने वाली बीमारी सोरायसिस के इलाज को लेकर सीएसआईआर-सीमैप के वैज्ञानिक ने महत्वपूर्ण शोध किया है। वैज्ञानिक डॉ. एनपी यादव ने वैज्ञानिक अध्ययन में पाया है कि अदरक (जींजीबर ऑफिसिनेल) से निकाला गया एसेंसियल ऑयल इस बीमारी के लक्षणों को कम करने में प्रभावी हो सकता है। यह शोध तीन अलग-अलग स्तरों कंप्यूटर आधारित अध्ययन (इन सिलिको), प्रयोगशाला परीक्षण (इनविट्रो) और पशु परीक्षण (इन विवो) पर किया गया है। जिससे इसके परिणाम अधिक विश्वसनीय माने जा रहे हैं।

सोरायसिस एक पुरानी (क्रॉनिक) त्वचा रोग है, जो शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली में गड़बड़ी के कारण होता है। इसमें त्वचा की कोशिकाएं सामान्य से कई गुना तेजी से बनने लगती हैं। इससे त्वचा पर लाल, मोटे, सूखे और खुजली वाले धब्बे बन जाते हैं। कई बार इसमें जलन और दर्द भी होता है। यह बीमारी पूरी तरह ठीक नहीं होती और लंबे समय तक इलाज की जरूरत पड़ती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार दुनिया भर में लाखों लोग इस बीमारी से प्रभावित हैं। इसके इलाज के लिए वर्तमान में जो दवाएं उपलब्ध हैं, वे या तो महंगी होती हैं या लंबे समय तक उपयोग करने पर उनके दुष्प्रभाव सामने आ सकते हैं। यही कारण है कि वैज्ञानिक सुरक्षित और प्राकृतिक विकल्पों की खोज में लगे हुए हैं।

अदरक मसाला नहीं, एक औषधि भी

अदरक भारत सहित दुनिया भर में एक लोकप्रिय मसाले के रूप में उपयोग किया जाता है। अदरक में कई ऐसे प्राकृतिक तत्व पाए जाते हैं, जो सूजन कम करने, संक्रमण से लड़ने और शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करते हैं। इस शोध में अदरक के आवश्यक तेल का विशेष रूप से अध्ययन किया गया। यह तेल भाप द्वारा आसवन की प्रक्रिया से निकाला जाता है और इसमें कई सक्रिय रासायनिक तत्व होते हैं।

कोशिका के अनियंत्रित वृद्धि रोकने में सहायक

शोध में पाया गया कि अदरक के इस तेल में कई महत्वपूर्ण तत्व मौजूद हैं, जैसे अल्फा-जिंजिबरीन, बीटा-सेस्क्वीफेलैंड्रीन, बीटा-बिसाबोलीन, कैंफीन और अर-कर्क्यूमीन पाया गया। ये सभी तत्व सूजन को कम करने और त्वचा की कोशिकाओं की अनियंत्रित वृद्धि को रोकने में सहायक माने जाते हैं।

अध्ययन के नतीजे

कंप्यूटर परीक्षण -कंप्यूटर तकनीक की मदद से यह समझने की कोशिश की गई कि अदरक के तेल के ये तत्व शरीर में कैसे काम करते हैं। वैज्ञानिक डॉ. एनपी यादव ने पाया कि ये तत्व शरीर में मौजूद उन प्रोटीन और रसायनों से जुड़ जाते हैं, जो सोरायसिस को बढ़ाने में भूमिका निभाते हैं। जब अदरक के तेल के तत्व इनसे जुड़ते हैं, तो उनकी गतिविधि कम हो जाती है, जिससे सूजन घटती है।

प्रयोगशाला परीक्षण- इन विट्रो परीक्षण में प्रयोगशाला में सोरायसिस प्रभावित कोशिकाओं पर परीक्षण किए। इसमें यह देखा गया कि अदरक का तेल सूजन पैदा करने वाले कई रसायनों को कम करता है, जैसे टीएनएफ अल्फा, आईएल 6, आईएल 1 बीटा, आईएल 17 ए इसके अलावा, यह त्वचा की कोशिकाओं (केराटिनासाइट्स) की तेजी से बढ़ने की प्रक्रिया को भी नियंत्रित करता है। यही प्रक्रिया सोरायसिस में सबसे बड़ी समस्या होती है।

पशु परीक्षण- इस तेल का परीक्षण चूहों पर किया गया, जिनमें सोरायसिस जैसी स्थिति कृत्रिम रूप से उत्पन्न की गई थी। इन चूहों की त्वचा पर अदरक का तेल लगाया गया। कुछ ही दिनों में यह देखा गया कि त्वचा की लालिमा कम हो गई, सूजन में कमी आई, त्वचा का मोटापन घटा, खुजली और जलन में राहत मिली चूहों के शरीर में मौजूद सूजन पैदा करने वाले रसायनों का स्तर भी कम हो गया।

 

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