खोज : ऐसे हुआ रिवाल्वर का आविष्कार 

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Published By Anjali Singh
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रिवाल्वर के आविष्कार की कहानी आधुनिक हथियारों के विकास में एक महत्वपूर्ण मोड़ मानी जाती है। 19 वीं सदी से पहले आग्नेयास्त्रों में एक बड़ी समस्या यह थी कि हर बार गोली चलाने के बाद उन्हें फिर से लोड करना पड़ता था, जिससे समय लगता था और युद्ध के दौरान यह असुविधाजनक होता था। इस समस्या का समाधान सैमुएल कोल्ट ने निकाला। 

उन्होंने 1830 के दशक में रिवाल्वर का डिजाइन तैयार किया, जिसमें एक घूर्णनशील सिलेंडर (cylinder) होता था। इस सिलेंडर में कई गोलियां एक साथ भरी जा सकती थीं, जिससे बिना बार-बार लोड किए लगातार फायर करना संभव हो गया। 1836 में उन्हें अपने इस आविष्कार का पेटेंट मिला और यही आधुनिक रिवाल्वर की शुरुआत थी। 

कहा जाता है कि सैमुअल कोल्ट को यह विचार एक जहाज यात्रा के दौरान आया, जब उन्होंने जहाज के पहिए (wheel) की घूर्णन प्रणाली को देखा। उसी सिद्धांत को उन्होंने हथियार में लागू किया। उनका बनाया रिवाल्वर जल्द ही लोकप्रिय हो गया, खासकर सेना और कानून-व्यवस्था से जुड़े लोगों के बीच।

समय के साथ रिवाल्वर में कई सुधार हुए, जैसे बेहतर मैकेनिज्म, अधिक सुरक्षित डिजाइन और शक्तिशाली कारतूस। यह हथियार अमेरिका के “वाइल्ड वेस्ट” दौर का प्रतीक भी बन गया और कई ऐतिहासिक घटनाओं में इसका उपयोग हुआ। इस प्रकार, रिवाल्वर का आविष्कार न केवल तकनीकी नवाचार था, बल्कि इसने युद्ध और सुरक्षा के तरीकों को भी पूरी तरह बदल दिया।

वैज्ञानिक के बारे में 

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सैमुअल कोल्ट का जन्म 19 जुलाई 1814 को हार्टफोर्ड में हुआ था। बचपन से ही उनमें आविष्कार की गहरी रुचि थी और वे रसायन तथा यांत्रिकी के प्रयोगों में लगे रहते थे। कोल्ट का निजी जीवन उतार-चढ़ाव से भरा रहा। शुरुआती असफलताओं और आर्थिक संकटों के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। 1856 में उन्होंने Elizabeth Jarvis Colt से विवाह किया, जो उनके जीवन में स्थिरता लेकर आईं। दंपति के कई बच्चे हुए, हालांकि अधिकांश शैशव अवस्था में ही गुजर गए, जो उनके जीवन का दुखद पक्ष था। अपने जीवनकाल में कोल्ट एक सफल उद्योगपति बने और उन्होंने समाजसेवा में भी योगदान दिया। 1862 में मात्र 47 वर्ष की आयु में उनका निधन हो गया, लेकिन वे अपने आविष्कारों के कारण आज भी याद किए जाते हैं।