‘यक्ष’ ऐप से स्मार्ट पुलिसिंग को मिली धार, 90 दिन में दर्जनभर मामलों का खुलासा
कुछ घंटों में दो लूट का किया खुलासा, अपहरण केस में चौंकाने वाला सच आया सामने
लखनऊ, अमृत विचार : यूपी पुलिस का ‘यक्ष’ ऐप अपराध नियंत्रण में अहम भूमिका निभा रहा है। महज 90 दिनों में इस डिजिटल प्लेटफॉर्म की मदद से एक दर्जन से अधिक आपराधिक मामलों का खुलासा किया गया है, जिससे स्मार्ट पुलिसिंग को नई गति मिली है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर शुरू किए गए इस ऐप के जरिए पुलिस अपहरण, लूट, हत्या और चोरी जैसे मामलों में तेजी से आरोपियों तक पहुंच रही है। डीजीपी राजीव कृष्ण के अनुसार, यक्ष ऐप में अपराधियों का डिजिटल डाटाबेस, सीसीटीवी लोकेशन मैपिंग और एनालिटिकल टूल्स जैसी सुविधाएं हैं, जिससे जांच प्रक्रिया तेज और सटीक हुई है।
हरदोई में अपहरण के एक मामले में ऐप से पता चला कि कथित पीड़ित पहले से जेल में बंद था। जौनपुर में लूट की घटना का कुछ घंटों में खुलासा कर तीन आरोपी गिरफ्तार किए गए। वहीं लखनऊ के काकोरी क्षेत्र में दो लूट की घटनाओं का 48 घंटे में पर्दाफाश हुआ।
झूठे आरोप से बुजुर्ग को बचाया
बरेली में सास और साले की हत्या के आरोपी का फोटो और रिकॉर्ड एप से मिलते ही पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। आगरा में एक बुजुर्ग व्यक्ति को झूठे छेड़छाड़ के आरोप से बचाने में भी एप उपयोगी साबित हुआ। सीसीटीवी फुटेज और फेस रिकग्निशन के जरिए असली आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया गया। मेरठ, हाथरस, फर्रुखाबाद, कानपुर और गोंडा जैसे जिलों में यक्ष के जरिए कई चोरी और जेबकतरी गैंग का खुलासा हुआ। मेरठ में जेबकतरा गिरोह के चार सदस्य गिरफ्तार किये गये, हाथरस में आभूषण चोरी का आरोपी ट्रेस, कानपुर में ज्वैलरी दुकान से चोरी करने वाले गैंग का भंडाफोड़ और गोंडा में स्कूलों में हो रही चोरी का खुलासा ऐप ने किया।
यक्ष ऐप के जरिए डिजिटल डाटाबेस, यूनिक क्रिमिनल आईडी और मल्टी-एंगल फोटो रिकॉर्ड से पुलिस को अपराधियों की पहचान और ट्रैकिंग में बड़ी मदद मिल रही है।
