UP News: खाद्य उद्योग की कई इकाइयां स्थापित करने की प्रक्रिया तेज, स्थानीय किसानों से कच्चा माल लेने पर जोर 

Amrit Vichar Network
Published By Muskan Dixit
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लखनऊ, अमृत विचार : उत्तर प्रदेश में खाद्य पदार्थों के उद्योग-धंधे स्थापित कराने की कसरत तेज है। खाद्य प्रसंस्करण ने बिस्कुट, टॉफी के लिए स्टार्च, मैकरोनी, पास्ता, नूडल्स, पोल्ट्री फीड यूनिट, चिकोरी पाउडर, डेयरी विस्तार, सोलर पावर प्लांट, बेकरी मोरिंगा उत्पादन और तिलहन-दहलन प्रसंस्करण इकइयों से जुड़े प्रस्ताव राज्य स्तरीय समिति के समक्ष भेजने की संस्तुति की है। 

खाद्य प्रसंस्करण और उद्यान विभाग के अपर मुख्य सचिव बीएल मीणा की अध्यक्ष में यूपी खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 के अंतर्गत अप्रेजल समिति की मीटिंग हुई। 

इसमें 14 नए प्रस्ताव रखे गए। पहले के कुछ स्थगित प्रस्तावों को भी चर्चा में शामिल किया गया। विचार-मंथन के बाद तय हुआ कि 13 प्रस्ताव अनुमोदन के लिए राज्य समिति के पास भेजे जाएंगे। 

जिन परियोजनाओं को स्वीकृत करने की सिफारिश की गई है। उसमें बिस्कुट-टॉफी के लिए स्टार्च यूनिट, मैकरोनी/पास्ता/नूडल्स निर्माण, पोल्ट्री फीड यूनिट, चिकोरी पाउडर, डेयरी विस्तार, सोलर पावर प्लांट, बेकरी, मॉरिंगा, और दाल-तिहलन प्रसंस्करण इकाईयों की स्थापना शामिल है। 

यूपी में स्थापित औद्योगिक इकाईयां स्थानीय किसानों से कच्चा माल प्राथमिकता पर खरीदेंगी। इस पर काफी जोर रहा। उद्योग ये सुनिश्चित करेंगे कि वह स्थानीय किसानों से माल खरीदने को वरीयता दें। 

बैठक में खाद्य प्रसंस्करण नीति के कार्यक्षेत्र विस्तार पर भी विमर्श हुआ। रेडी-टू-ईट उत्पाद, मसाला, शहद, फ्रूट जूस और पशु चारा निर्माण जैसे क्षेत्रों को शामिल करने की संस्तुति की गई। समिति ने खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता जताई है। स्पष्ट किया कि औद्योगिक इकाईयां स्थापित करने के लिए पर्यावरण और फायर विभाग की एनओसी जरूर लें।

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