लखनऊ में 6 ग्राम पंचायतों में 66.83 लाख की घोटाला! 2017-18 के कार्यों में बिल-बाउचर गायब, सचिवों-प्रधानों से होगी वसूली

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Published By Muskan Dixit
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लखनऊ, अमृत विचार : लेखा टीम ने वर्ष 2017-18 के ऑडिट में छह ग्राम पंचायतों में 66.83 लाख रुपये की वित्तीय अनियमितता सामने आई है। टीम को ग्राम पंचायतों में कराये गए कार्य और भुगतान के बिल व बाउचर नहीं हैं। वित्तीय अनियमितता मानते हुए सम्बंधित सचिवों के खिलाफ वसूली के आदेश जारी किए गए हैं। आधी धनराशि प्रधानों से वसूली जाएगी।

जिले में सहकारी समितियां एवं पंचायत लेखा परीक्षा अधिकारी द्वारा पंचायतों का ऑडिट किया गया। विकास खंड माल की ग्राम पंचायत गहदो में 68,929 रुपये की वित्तीय अनियमितता मिली। तत्कालीन प्रधान सुनीता देवी व सचिव पवन कुमार विमल ने भुगतान के साक्ष्य नहीं दिए। इसी तरह माल ब्लॉक की ग्राम पंचायत खंडसरा में 2,15,170 रुपये की वित्तीय अनियमितता पकड़ी गई। तत्कालीन प्रधान इरफान अली व सचिव पवन कुमार विमल ऑडिट टीम को खर्च धनराशि के बिल व बाउचर नहीं दिए। बीकेटी की ग्राम पंचायत मझोरिया में 10,52,916 की वित्तीय अनियमितता मिली। तत्कालीन प्रधान सविता और सचिव सुधाकर सिंह ने साक्ष्य नहीं दिए। मलिहाबाद की ग्राम पंचायत कैथुलिया में सबसे अधिक 20,33,383 रुपये की अनियमितता पकड़ी गई। तत्कालीन प्रधान विनोद सिंह व सचिव विनय सागर ने साक्ष्य नहीं दिए।

इसके अतिरिक्त मलिहाबाद की ग्राम पंचायत सहिजना में 18,15,426 रुपये की अनियमितता पकड़ी गई। तत्कालीन प्रधान श्रवण कुमार और सचिव विनय सागर ने साक्ष्य नहीं दिए। मलिहाबाद की ग्राम पंचायत जौरिया में 14,97,788 की अनियमितता मिली। तत्कालीन प्रधान राम देवी व सचिव विनय सागर ने साक्ष्य नहीं दिए। न ही नोटिस का जवाब दिया। बैठकों में भी शामिल नहीं हुए। जिला पंचायत राज अधिकारी जितेंद्र कुमार गोंड ने संबंध में सचिवों को 50-50 फीसद धनराशि जमा करने का वसूली आदेश जारी किया है।

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