9.39 करोड़ का घोटाला! अटल यूनिवर्सिटी में परीक्षा प्रक्रिया को लेकर बड़ा खुलासा, जानें पूरी details
समिति ने जांच रिपोर्ट कुलपति को सौंपी, कंपनी की जब्त होगी जमानत राशि
लखनऊ, अमृत विचार : अटल बिहारी वाजपेई मेडिकल यूनिवर्सिटी में परीक्षा और परिणाम से जुड़े कार्यों में बड़ी अनियमितता का मामला सामने आया है। अधूरा काम करने वाली एक निजी कंपनी को करीब 9.39 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया गया, जिससे यूनिवर्सिटी प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।
टेंडर में तय धनराशि का लगभग 30 प्रतिशत भुगतान कंपनी को शुरुआत में ही कर दिया गया था। बावजूद इसके कंपनी तय समय पर काम पूरा नहीं कर सकी, जिससे छात्रों का शैक्षिक सत्र प्रभावित होने लगा। हैरानी की बात यह रही कि पूर्व यूनिवर्सिटी प्रशासन ने कंपनी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के बजाय उसे काम करने से रोक दिया और दूसरी एजेंसी को कार्य सौंप दिया। इस दौरान कंपनी का टेंडर तक निरस्त नहीं किया गया।
दरअसल, प्रदेश के नर्सिंग और पैरामेडिकल कॉलेजों को एक ही यूनिवर्सिटी से संबद्ध करने की योजना के तहत इस यूनिवर्सिटी की स्थापना की गई थी, ताकि प्रवेश, परीक्षा और परिणाम की प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से हो सके। वर्तमान में प्रदेश के करीब 360 कॉलेज इससे संबद्ध हैं। परीक्षा परिणाम तैयार करने और घोषित करने के लिए जेम पोर्टल के माध्यम से कंपनी का चयन किया गया था, लेकिन अनुबंध बीच में ही टूट गया। इससे पहले जून 2024 में कंपनी को 9.39 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका था।
इस लापरवाही का सबसे अधिक खामियाजा 2021 से 2023 बैच के नर्सिंग और पैरामेडिकल छात्रों को भुगतना पड़ा। परीक्षा और परिणाम दोनों में देरी के कारण उनका शैक्षिक सत्र बुरी तरह प्रभावित हुआ। मामला नए कुलपति मेजर जनरल डॉ. अमित देवगन के संज्ञान में आने के बाद उन्होंने चार सदस्यीय समिति गठित कर जांच कराई। समिति ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है, जिसमें गड़बड़ियों की पुष्टि हुई है। अब कंपनी का टेंडर निरस्त करने की तैयारी की जा रही है। साथ ही करीब दो करोड़ रुपये की जमानत राशि जब्त करने की सिफारिश भी की गई है।
