UP: मकान गिराने पहुंची थी टीम, बाप-बेटों ने फांसी लगाने का किया प्रयास, हालत बिगड़ी
शाहजहांपुर, अमृत विचार। जलालाबाद क्षेत्र के मझरेता मगटोरा गांव में मंगलवार को चकरोड की जमीन से कब्जा हटाने पहुंची राजस्व और पुलिस टीम के सामने उस समय अफरातफरी मच गई, जब एक ही परिवार के तीन लोगों ने पेड़ पर चढ़कर फंदा लगाकर जान देने की कोशिश कर दी। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों की तत्परता से तीनों को सुरक्षित नीचे उतार लिया गया, हालांकि एक युवक की हालत बिगड़ने पर उसे मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराना पड़ा।
जानकारी के अनुसार, नायब तहसीलदार रोहित कटियार पुलिस और राजस्व विभाग की टीम के साथ गांव पहुंचे थे। टीम ने चकरोड पर बने धनपाल के मकान को तोड़ना शुरू किया। इस पर धनपाल, उसके बेटे विवेक और दुर्गेश ने विरोध करना शुरू कर दिया। उनका कहना था कि वे लोग चार दशकों से ज्यादा समय से यहां पर रह रहे हैं। उन्हें पहले से सूचित भी नहीं किया गया। इस बीच क्षुब्ध होकर दुर्गेश, विवेक और धनपाल मकान के पास लगे नीम के पेड़ पर चढ़ गए। पेड़ पर रस्सी का फंदा डालकर गले में डाल लिया। ये देखकर पुलिसकर्मियों ने तीनों लोगों को नीचे उतारा। इस बीच विवेक के गले में पड़ा फंदा कस गया।
उसकी हालत बिगड़ी तो पुलिस ने उसे राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया। धनपाल का कहना है कि उनसे मकान न तोड़े जाने के बदले में चार लाख रुपये मांगे जा रहे थे। पूर्व विधायक राजेश यादव व पूर्व विधायक रोशनलाल वर्मा ने मेडिकल कॉलेज पहुंचकर हाल जाना। न्याय दिलाने का भरोसा दिया। नायब तहसीलदार रोहित कटियार का कहना है कि आरोप निराधार हैं। धनपाल का नवीन परती व चकरोड की जमीन पर कब्जा है। खाली करने के लिए कहा तो मना कर दिया। खाली कराने की कोशिश की तो ड्रामा किया। तुरंत एसडीएम प्रभात राय को जानकारी दी। उन्होंने टीम को वापस बुला लिया। लेखपाल अजय कुमार ने इस मामले में थाने में तहरीर दी है। वहीं, इंस्पेक्टर राजीव तोमर ने बताया कि राजस्व टीम के साथ मौके पर गए थे, फिर वापस चले आए थे। इसके बाद क्या हुआ कोई जानकारी नहीं है।
