डकैत को लेकर अड़ीवी शेष बोलेः सिर्फ एक्शन और बदला नहीं, बल्कि अधूरे प्यार की गहरी कहानी है

Amrit Vichar Network
Published By Muskan Dixit
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मुंबईः अभिनेता अड़ीवी शेष का कहना है कि उनकी फिल्म 'डकैत' क्लासिक रोमियो-जूलियट की कहानी का देसी मॉडर्न रूप है। अभिनेता अड़ीवी शेष ने फिल्म 'डकैत' के इमोशनल पहलू पर बात की है। उन्होंने इसे क्लासिक रोमियो और जूलियट की कहानी का एक नया और आज के समय के हिसाब से बनाया गया रूप बताया है, जिसे ग्रामीण भारत के सच्चे और कच्चे माहौल में दिखाया गया है।

हालांकि, डकैत में एक्शन और बदले की कहानी भी है, लेकिन अड़ीवी शेष के अनुसार इसका असली केंद्र दो पुराने प्रेमियों की कहानी है, जिनका बीता हुआ रिश्ता आज भी उनकी ज़िंदगी को प्रभावित करता है। फिल्म दिखाती है कि अधूरा रह गया प्यार समय के साथ कैसे बदल जाता है- कभी चाहत में, कभी गुस्से में और कभी माफी या सुधार की भावना में।

अड़ीवी शेष ने कहा, "मेरे लिए डकैत सिर्फ टकराव या बदले की कहानी नहीं है। इसके दिल में एक प्रेम कहानी है। यह हमारे समय की रोमियो-जूलियट जैसी कहानी है, लेकिन एक ऐसे माहौल में जो बहुत सच्चा और जमीन से जुड़ा हुआ लगता है। ये दो लोग हैं जो कभी एक-दूसरे से बहुत प्यार करते थे, लेकिन जिंदगी ने उन्हें अलग रास्तों पर ले गया। जब वे फिर मिलते हैं, तो यह सिर्फ पुराने एहसासों को वापस पाने की बात नहीं होती, बल्कि उस सबका सामना करने की बात होती है जो समय के साथ उनके प्यार में बदल चुका है।"

अड़ीवी शेष ने बताया कि उन्हें इस कहानी की सबसे खास बात इसकी भावनाओं की सच्चाई लगी। उन्होंने कहा, "हमेशा से 'हमेशा रहने वाले प्यार' का विचार मुझे आकर्षित करता रहा है। परियों की कहानी की तरह नहीं, बल्कि इस तरह कि वो आपके अंदर बना रहता है, चाहे रिश्ते बदल जाएं या खत्म हो जाएं। डकैत में प्यार खत्म नहीं होता, वो बदल जाता है - कभी दर्द में, कभी ताकत में, और कभी बदले में।"

अड़ीवी शेष ने कहा कि रोमियो-जूलियट से तुलना सिर्फ प्रेरणा तक सीमित है, न कि उसकी नकल। उन्होंने कहा, "हम रोमियो-जूलियट की कहानी को दोहरा नहीं रहे हैं। हम उस तरह के प्यार की भावना-जो गहरी, उलझी हुई और लंबे समय तक रहने वाली होती है-उसे आज के समय और दुनिया में दिखा रहे हैं। यह कच्चा है, परफेक्ट नहीं है, और यही इसे सच्चा बनाता है।"

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