बिहार में सियासी हलचलः नितीश कुमार ने सौंपा इस्तीफा, नई सरकार की कवायत तेज

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Published By Muskan Dixit
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पटना: बिहार के मुख्यमंत्री नितीश कुमार ने मंगलवार को राज्यपाल से मुलाकात कर अपना इस्तीफा सौंप दिया। इस फैसले के साथ ही बिहार की राजनीति में एक बार फिर हलचल मच गई है और नए सत्ता समीकरणों को लेकर चर्चाएं जोरों पर हैं।

नितीश कुमार राजभवन पहुंचे और राज्यपाल से औपचारिक मुलाकात के बाद अपना इस्तीफा पत्र सौंपा। सूत्रों के अनुसार, राज्यपाल ने उन्हें नई सरकार बनने तक कार्यवाहक मुख्यमंत्री बने रहने को कहा है।

नए गठबंधन की होड़ शुरू

इस्तीफे के तुरंत बाद विभिन्न राजनीतिक दलों में गहन गतिविधियां शुरू हो गई हैं। कई दलों के नेताओं के बीच संभावित गठबंधन और सहयोग को लेकर बैठकें और बातचीत का सिलसिला तेज हो गया है। विपक्षी दलों की भी नजर इस पूरे घटनाक्रम पर टिकी हुई है।

राजनीतिक गलियारों में यह अटकलें लगाई जा रही हैं कि अगले कुछ दिनों में बिहार में सत्ता का नया समीकरण सामने आ सकता है।

नई सरकार को पूरा सहयोग एवं मार्गदर्शन रहेगा : नीतीश

नीतीश  कुमार ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने की जानकारी देते हुए लिखा, 24 नवंबर, 2005 को राज्य में पहली बार राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की सरकार बनी थी। उन्होंने कहा कि इसके बाद से राज्य में कानून का राज है और राजग सरकार लगातार विकास के काम में लगी हुयी है। श्री कुमार ने बताया कि राजग सरकार ने शुरू से ही सभी तबकों का विकास किया है। उन्होंने कहा कि चाहे हिंदू हो, मुस्लिम, अपर कास्ट, पिछड़ा, अति पिछड़ा, दलित, महादलित हो- सभी के लिए सरकार ने काम किया है। उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य ,सड़क बिजली,कृषि हर क्षेत्र में विकास को गति दी गई। महिलाओं एवं युवाओं के लिए भी अवसर तलाशे गए।

कुमार ने कहा कि अगले पाँच वर्षों, 2025 से 2030 के लिए 7 निश्चय-3 का गठन किया गया है। इसके माध्यम से बिहार काफी आगे बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि बिहार के विकास में केन्द्र का भी पूरा सहयोग मिल रहा है। इसके लिए वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का नमन करते हैं। उन्होंने उम्मीद जतायी कि बिहार और तेजी से विकसित होगा और देश के शीर्ष राज्यों में शामिल हो कर देश की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान देगा।

मुख्यमंत्री कुमार ने कहा कि बिहार के लोगों के बेहतर जीवन के लिया सरकार ने लगतार काम किया है। कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री पद छोड़ने के निर्णय के साथ उन्होंने आज मंत्रिमंडल की बैठक के बाद राज्यपाल से मिलकर अपना इस्तीफा सौंप दिया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश का कामकाज अब नई सरकार देखेगी और उसे उनका पूरा सहयोग एवं मार्गदर्शन हासिल रहेगा। उन्होंने उम्मीद जतायी और कहा कि आगे भी राज्य विकास के पथ पर अग्रसर रहेगा।

जनता और कार्यकर्ताओं में उत्सुकता

इस अचानक हुए राजनीतिक विकास से आम लोगों और पार्टी कार्यकर्ताओं में भी काफी उत्सुकता देखी जा रही है। सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर बहस और कयासबाजी का दौर चल रहा है। हर कोई जानना चाह रहा है कि बिहार में अगली सरकार किसकी नेतृत्व में बनेगी।

आगे क्या होगा?

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि नया मुख्यमंत्री कौन बनेगा और नई सरकार का गठन कब होगा। सभी प्रमुख दल संख्या बल जुटाने और रणनीति बनाने में जुटे हुए हैं। राज्यपाल की भूमिका भी इस पूरे प्रक्रिया में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

फिलहाल बिहार की राजनीति पूरी तरह से सियासी गतिविधियों के चरम पर है और आने वाले दिनों में स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है।

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