बसंतकुंज के 20 एकड़ में बनेगा सिटी फॉरेस्ट, मियावाकी पद्धति से लगाए जाएंगे पौधे

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Published By Anjali Singh
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लखनऊ, अमृत विचार : लखनऊ विकास प्राधिकरण ग्राम घौला स्थित बसंतकुंज योजना के 20 एकड़ में सिटी फॉरेस्ट बनाएगा। यह पार्क राष्ट्र प्रेरणा स्थल के पास और गोमती नदी के पीछे की तरफ बनेगा। शहर के बाहर यह अनोखा पार्क जंगल की तरह कच्चा निर्माण करके विकसित किया जाएगा। पार्क में फल, छाया, फूल, जंगली व ऑक्सीजन देने वाले एक लाख से अधिक पौधे मियावाकी पद्धति से लगाए जाएंगे।

सिटी फॉरेस्ट विकसित करने में करीब 10 करोड़ रुपये खर्च आएगा। एलडीए ने कार्ययोजना बनाकर टेंडर जारी कर दिया है। एक साल में पार्क तैयार हो जाएगा। पार्क में घूमने के लिए कच्चा पाथवे बनेगा। जंगली पेड़-पौधों सुंदरता बढ़ाएंगे। चार-चार मीटर दूरी पर एक थीम व रंग के पेड़-पौधे लगेंगे, जो लोगों को आकर्षित करेंगे। पार्क में घूमने के लिए पाथ-वे भी जंगल की तरह कच्चा बनेगा।

पेड़-पौधों की सुरक्षा के लिए तार से फेंसिंग की जाएगी। पार्क में बेंच, लाइट, फव्वारा, कैंटीन, शौचालय, पार्किंग आदि सुविधाएं रहेंगी। एलडीए की सबसे बड़ी बसंतकुंज योजना में रहने वाले लोग भी पार्क का लुत्फ उठाएंगे। प्रेरणा स्थल घूमने आए लोगों को भी सिटी फॉरेस्ट अपनी तरफ आकर्षित करेगा। ये पार्क वर्ष 2019 में बनना था लेकिन, प्रोजेक्ट कैंसिल हो गया था।

इन पेड़-पौधों से हराभरा होगा सिटी फॉरेस्ट

पार्क में मुख्य रूप से पीपल, नीम, बरगद, पाकड़, पिलकर, शीशम, महुआ, अमलताश, कचनार, गुलमोहर, अमरूद, आम के अलावा स्पैथोडिया, टबेबुइया, लार्जेस्ट्रोमिया अमलतास, नीली गुलमोहर आदि पौधे पेड़-पौधे लगेंगे। नदी किनारे हिस्से में जामुन, अर्जुन, पनिया, केन आदि प्रजाति के पौधे लगेंगे। यह पौधे नदी की धारा बढ़ने पर नष्ट नहीं होंगे।

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