आज से ओटीएस योजना, आवास विकास के डिफाल्टर आवंटी उठाएं लाभ, बकाये पर नहीं देना पड़ेगा ब्याज
लखनऊ, अमृत विचार : उप्र आवास एवं विकास परिषद के डिफाल्टर आवंटी शनिवार से ओटीएस योजना का लाभ उठा सकते हैं। इसके लिए परिषद के सम्पत्ति कार्यालयों से लेकर घर बैठे ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है। सेक्टर 9 वृंदावन योजना स्थित परिषद कार्यालय पर हेल्प डेस्क बनाई गयी है। लखनऊ जोन में ही परिषद ने करीब 1600 डिफाल्टर आवंटियों को ओटीएस योजना के लिए नोटिस दिया है।
इनकी संख्या और बढ़ सकती है। इनमें वृंदावन योजना, अवध विहार योजना, इन्दिरा नगर, आम्रपाली योजना, राजाजीपुरम योजना और अयोध्या योजना के आवंटी शामिल हैं। जोनल आयुक्त लखनऊ जोन एवं उप आवास आयुक्त चंदन पटेल ने बताया कि योजना के तहत डिफाल्टर आवंटियों को बकाये पर चक्रवृद्धि ब्याज नहीं देना पड़ेगा। परिषद के कार्यालयों में इसके लिए हेल्प डेस्क बनाई गयी है। उन्होंने बताया कि घर बैठे भी परिषद की वेबसाइट upavp.co.in पर ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है।
एलडीए में हेल्प डेस्क स्थापित, कर्मचारी खुद भरेंगे फार्म
लखनऊ विकास प्राधिकरण में 18 अप्रैल से एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) शुरू होगी। एलडीए में हेल्प डेस्क स्थापित की गई है, जहां कर्मचारी मौके पर ही लोगों के ऑनलाइन फार्म भरेंगे। लाभ प्रत्येक प्रभावित व्यक्ति को मिले, इसके लिए सभी योजनाओं में कैम्प लगेंगे। बकायेदार आवंटी इन कैम्प में जाकर आवेदन कर सकेंगे।
ओटीएस के आवेदन में निचले स्तर से किसी भी तरह की गैर जरूरी आपत्ति अथवा निरस्तीकरण की कार्रवाई न हो। इसके लिए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने अलग से आदेश जारी किये हैं। उनकी बिना स्वीकृति के ओटीएस के किसी भी आवेदन में आपत्ति अथवा निरस्तीकरण की कार्रवाई नहीं की जाएगी। उपाध्यक्ष ने बताया कि लगभग चार हजार डिफाल्टर आवंटियों को चिन्हित किया गया है।
इनमें आश्रयहीन, ईडब्ल्यूएस, एलआईजी, एमआईजी, एचआईजी के अलावा अन्य आवासीय एवं व्यावसायिक सम्पत्तियों व मानचित्र के बकायेदार शामिल हैं। इन्हें कॉल सेंटर एवं आईटी सेल के माध्यम से फोन, मैसेज व ई-मेल के माध्यम से सूचना भेजी गयी है। स्कीम 17 जुलाई तक चलेगी।
दंड एवं चक्रवृद्धि ब्याज से छूट, बने संपत्ति के मालिक
यह योजना प्राधिकरण की सभी प्रकार की आवासीय एवं व्यावसायिक सम्पत्तियों, सरकारी संस्थाओं को आवंटित सम्पत्तियों एवं स्कूल भूखंडों, चैरिटेबल संस्थाओं, नीलामी अथवा अन्य पद्धति से आवंटित सम्पत्तियों, सहकारी आवास समितियों को आवंटित सम्पत्तियों व मानचित्रों के लिए खोली गई है। जिन लोगों पर समय से किश्तें जमा न करने की सूरत में दंड ब्याज एवं चक्रवृद्धि ब्याज रोपित हो गया है, वह सभी इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। इसमें दंड ब्याज से छूट मिलेगी और लोग बकाया धनराशि जमा करके अपनी सम्पत्ति के मालिक बन सकेंगे।
सॉफ्टवेयर से होगी गणना, तीन माह के अंदर निस्तारण
आवेदन जमा करने की तिथि से तीन माह के अंदर निस्तारण होगा। डिफाल्ट अवधि के लिए दंड ब्याज से पूरी राहत। केवल साधारण ब्याज लिया जाएगा, इसकी गणना सॉफ्टवेयर से होगी। ओटीएस की पूरी राशि 30 दिन में जमा करने पर तीन प्रतिशत छूट मिलेगी। ओटीएस की रकम 50 लाख रुपये से अधिक है तो एक तिहाई भुगतान 30 दिन में और बाकी तीन द्विमासिक किस्त में छह माह में देना होगा। समय से पैसा न देने पर अतिरिक्त दंड ब्याज के साथ एक माह में जमा करने का मौका मिलेगा।
