भारत-नेपाल व्यापार को मिलेगी नई गति, अंतिम चरण में धारचूला मैत्री पुल का कार्य, मई में होगा तैयार

Amrit Vichar Network
Published By Anjali Singh
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पिथौरागढ़। भारत-नेपाल मैत्री पुल का निर्माण अब अंतिम चरण में पहुंच चुका है और शेष कार्य मई माह तक पूरा कर लिए जाने की संभावना है। इस महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय परियोजना का आज जिलाधिकारी आशीष भटगाईं ने धारचूला क्षेत्र के छारछुम में औचक निरीक्षण कर जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने पुल की सुरक्षा व्यवस्था, आवागमन की स्थिति और अन्य व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की। 

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अंतरराष्ट्रीय सीमा से जुड़े इस पुल पर सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह सुदृढ़ रखी जाए और आम नागरिकों की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाए। जिलाधिकारी ने प्रकाश व्यवस्था और निगरानी प्रणाली को सुदृढ़ बनाने के निर्देश देते हुए कहा कि सीमा क्षेत्र होने के कारण यहां हर समय उच्च सतर्कता बनाए रखना आवश्यक है। 

उन्होंने सुरक्षा कर्मियों से संवाद कर उनकी कार्यप्रणाली की जानकारी ली और आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। डीएम भटगांई ने कहा कि करीब 32.98 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा यह पुल लगभग तैयार हो चुका है। नेपाल की ओर एप्रोच मार्ग का कार्य भी अंतिम चरण में है और मई तक सभी शेष कार्य पूरे कर लिए जाएंगे। 

पुल के पूर्ण होने के बाद यहां सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी), भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) और लैंड कस्टम स्टेशन के चेक पोस्ट स्थापित किए जाएंगे। इस संबंध में अधिकारियों के साथ चर्चा भी की गई। जिलाधिकारी ने कहा कि यह पुल भारत और नेपाल के बीच आवागमन और व्यापार को नई गति देने के साथ सीमावर्ती क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। 

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