आजमगढ़ पुलिस की बड़ी कार्रवाई : 7 करोड़ के नशीले पदार्थ को किया आग के हवाले
आजमगढ़। उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में नशा तस्करों के मंसूबों को राख में मिलाते हुए पुलिस प्रशासन ने आज 'ऑपरेशन दहन' के अंतर्गत भारी मात्रा में अवैध मादक पदार्थों का विनष्टीकरण किया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देश पर जिला स्तरीय ड्रग डिस्पोजल कमेटी ने न्यायालय के आदेशों का पालन करते हुए करोड़ों रुपये की नशीली खेप को भट्टी में झोंककर नष्ट कर दिया। जिले में अवैध मादक पदार्थों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के क्रम में आज आजमगढ़ पुलिस द्वारा यह कार्रवाई कराई गई।
न्यायालय और संबंधित प्राधिकारियों के आदेशानुसार, 'ऑपरेशन दहन' के तहत भारी मात्रा में बरामद किए गए नशीले पदार्थों का विधिसम्मत विनष्टीकरण कराया गया। इस कार्यवाही में कुल 864.184 किलोग्राम नशीले पदार्थ नष्ट किए गए। इसमें गांजा, हेरोइन/स्मैक, डायजापाम और अन्य नशीले पाउडर शामिल थे। इसके अतिरिक्त लगभग 1000 डायजापाम टैबलेट्स को भी नष्ट किया गया।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस पूरी खेप की अनुमानित कीमत 7,35,55,640 (सात करोड़ पैंतीस लाख पचपन हजार छह सौ चालीस रुपये) आंकी गई है। विनष्टीकरण की यह प्रक्रिया दीदारगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत मार्टीनगंज (भादो, माहुल) स्थित मेसर्स सिलिकॉन बायोटेक प्रा. लि. की औद्योगिक इकाई में संपन्न हुई। यहाँ स्थापित इंसीनिरेटर और बॉयलर के माध्यम से मानकों के अनुरूप नशीले पदार्थों को जलाया गया।
पर्यावरणीय सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए पूरी प्रक्रिया की विधिवत फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी भी कराई गई। इस महत्वपूर्ण कार्यवाही के दौरान जिला स्तरीय ड्रग डिस्पोजल कमेटी के सदस्यों के साथ अपर पुलिस अधीक्षक (यातायात), विशेष मालखाना निस्तारण सेल के प्रभारी उ.नि. श्रीप्रकाश मिश्रा, आरक्षी प्रदीप कुमार शाह और डीसीआरबी से आरक्षी मुकेश कुमार गिरी सहित भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा।
आजमगढ़ पुलिस का स्पष्ट संदेश है कि जनपद में नशे के अवैध कारोबार और तस्करी पर पूरी तरह अंकुश लगाया जाएगा। 'ऑपरेशन दहन' का मुख्य उद्देश्य युवाओं को नशे के जाल से बचाना और अपराधियों में कानून का खौफ पैदा करना है। पुलिस प्रशासन ने भविष्य में भी इस तरह की सख्त कार्यवाहियां जारी रखने का संकल्प दोहराया है।
