‘संसद में द्रौपदी के चीर हरण जैसा दृश्य था’: सीएम योगी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर विपक्ष पर साधा तीखा हमला
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर विपक्षी दलों पर जमकर निशाना साधा। सीएम योगी ने कहा कि संसद के विशेष अधिवेशन के दौरान इंडी गठबंधन का रवैया द्रौपदी के चीर हरण जैसा था। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने बंगाल की बेटियों के साथ विश्वासघात किया और महिलाओं की आशाओं पर पानी फेर दिया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने यहां संयुक्त पत्रकार वार्ता को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर विस्तार से चर्चा की और कांग्रेस, सपा, आरजेडी, तृणमूल कांग्रेस तथा डीएमके जैसे दलों पर महिला विरोधी रवैया अपनाने का आरोप लगाया।
केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी का बयान
केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि समाजवादी पार्टी तुष्टिकरण की राजनीति करती है। वह मुस्लिम महिलाओं के लिए अलग आरक्षण की मांग करती है, जबकि संविधान किसी भी धर्म के आधार पर आरक्षण की अनुमति नहीं देता। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम के दिन विपक्ष ने महिलाओं की उम्मीदों को ठुकराया और उस दिन को काला दिन बना दिया। महिलाएं लगातार इसका विरोध कर रही हैं और आने वाले चुनाव में वोट की ताकत से विपक्ष को सबक सिखाएंगी।
सीएम योगी का तीखा हमला
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि देश में चार जातियां हैं — नारी, युवा, गरीब और किसान। जातिवाद के नाम पर देश को लूटने वालों के लिए यह एक बड़ी चुनौती थी। इसी वजह से कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने इस प्रगतिशील कदम का विरोध किया।
सीएम ने कहा कि आधी आबादी के मन में विपक्ष के इस नारी-विरोधी आचरण को लेकर भारी आक्रोश है। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा, कांग्रेस, आरजेडी, तृणमूल और डीएमके जैसे दल सुधारवादी कदमों के रास्ते में बाधा बनकर खड़े होते हैं और षड्यंत्र करते हैं।
आरक्षण सीटें बढ़ाने का फैसला
योगी आदित्यनाथ ने बताया कि महिला संगठनों की मांग पर सरकार ने महिला आरक्षण बिल को 2029 में लागू करने का फैसला किया। कुछ राज्यों की चिंताओं को देखते हुए प्रधानमंत्री ने सुनिश्चित किया कि किसी का हक न मारा जाए, इसलिए संसद में सीटों की संख्या बढ़ाने का प्रावधान किया गया।
उन्होंने कहा कि 2011 की जनगणना के आधार पर उत्तर और दक्षिण राज्यों में सीटें बढ़ाई गईं, ताकि सभी को समान न्याय मिले। लेकिन सदन में इंडी गठबंधन की टिप्पणियां और व्यवहार द्रौपदी के चीर हरण जैसा था। सपा ने मुस्लिम महिलाओं के लिए अलग आरक्षण की मांग की, जो बाबा साहेब आंबेडकर की भावना के एकदम विपरीत है।
ट्रिपल तलाक और शाह बानो का जिक्र
सीएम योगी ने कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल आज महिलाओं की बात करते हैं, लेकिन शाह बानो मामले में कांग्रेस ने महिलाओं के साथ अन्याय किया था। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा ट्रिपल तलाक पर प्रतिबंध लगाने वाले कानून का भी इन्हीं दलों ने विरोध किया था।
उन्होंने कहा कि सबसे लंबे समय तक शासन करने वाली कांग्रेस और सपा जैसी पार्टियां नारी, युवा, किसान और गरीब के लिए कुछ ठोस नहीं कर सकीं। जातिवाद के नाम पर परिवारवाद को बढ़ावा देने और देश को कमजोर करने की नीयत रखने वाले लोग प्रगतिशील कदमों का हमेशा विरोध करते रहे हैं।
सीएम योगी ने स्पष्ट कहा कि महिलाओं के हितों को आगे बढ़ाने वाला नारी शक्ति वंदन अधिनियम एक ऐतिहासिक कदम है, जिसे विपक्ष ने राजनीतिक साजिश से रोकने की कोशिश की, लेकिन महिलाएं अब वोट के माध्यम से इन दलों को जवाब देंगी।
