Parliament Special Session : महिला आरक्षण संशोधन से जुड़े तीन बिल लोकसभा में पेश, विपक्ष ने उठाए सवाल, तो अमित शाह ने सपा पर कसा तीखा तंज
नई दिल्ली। कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने लोकसभा में संविधान (131वां संशोधन) बिल, 2026,केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) बिल, 2026,डिलिमिटेशन बिल, 2026 पेश करने का प्रस्ताव रखा। भाजपा की तरफ से बहस में सांसद बांसुरी स्वराज, रक्षा खडसे, अपराजिता सारंगी, कंगना रनोट और धर्मशीला गुप्ता शामिल होंगी। पीएम मोदी आज दोपहर 3 बजे लोकसभा में बोल सकते हैं। संशोधन बिल में लोकसभा सांसदों की संख्या 850 करने का प्रस्ताव है। मौजूदा संख्या 543 है। राज्यों में 815 और केंद्र शासित प्रदेशों में 35 तक सीटें होंगी। सीटों की सटीक संख्या तय करने के लिए परिसीमन भी किया जाएगा। 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी।
परिसीमन बिल पर विपक्ष ने उठाए सवाल, जानिए क्या बोले अमित शाह
लोकसभा के विशेष सत्र में गुरुवार को केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने परिसीमन बिल, 2026 पेश किया। इस बिल का उद्देश्य लोकसभा में राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के लिए सीटों का पुनर्निर्धारण करना, विधानसभा सीटों की संख्या तय करना और राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों को चुनावी क्षेत्रों में बांटना है। जैसे ही बिल सदन में पेश हुआ, विपक्ष ने इसका कड़ा विरोध शुरू कर दिया। कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने सबसे पहले विरोध जताया, जिसके बाद सदन में हंगामा शुरू हो गया।
इससे पहले सत्र की शुरुआत में सदन ने प्रसिद्ध गायिका आशा भोसले के निधन पर शोक व्यक्त किया। परिसीमन बिल को लेकर समाजवादी पार्टी ने भी कड़ा रुख अपनाया। सपा सांसद धर्मेंद्र यादव ने कहा कि संसद को संविधान की रक्षा करने की जिम्मेदारी दी गई है, लेकिन यह बिल संविधान की भावना के खिलाफ है। उन्होंने आरोप लगाया कि परिसीमन को जनगणना से अलग करना गलत है और इससे संवैधानिक ढांचा प्रभावित होगा। धर्मेंद्र यादव ने यह भी कहा कि समाजवादी पार्टी महिलाओं के हित में हमेशा आगे रही है और सरकार से मांग की कि इस संविधान संशोधन और परिसीमन बिल को वापस लिया जाए।
वहीं सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने महिला आरक्षण बिल का समर्थन करते हुए सरकार से सवाल किया कि इतनी जल्दबाजी क्यों की जा रही है। उन्होंने पूछा कि सरकार जनगणना क्यों नहीं करा रही है। इस पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जवाब देते हुए कहा कि जनगणना का काम शुरू हो चुका है। अमित शाह ने धर्मेंद्र यादव के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वे यह कह रहे हैं कि इसमें कॉलम नहीं है, जबकि उन्हें समझना चाहिए कि फिलहाल घरों की गिनती हो रही है, न कि उनकी जाति की। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर समाजवादी पार्टी को मौका मिले, तो वह घरों की भी जाति तय कर दे।
केंद्रीय गृहमंत्री ने यह भी कहा कि धर्मेंद्र यादव द्वारा मुस्लिम महिलाओं को आरक्षण देने की बात करना असंवैधानिक है, क्योंकि संविधान में धर्म के आधार पर आरक्षण की अनुमति नहीं है। इस पर अखिलेश यादव ने सवाल उठाया कि क्या मुस्लिम महिलाएं आधी आबादी का हिस्सा नहीं हैं। इसके जवाब में अमित शाह ने कहा कि समाजवादी पार्टी चाहे तो अपनी सभी टिकट मुस्लिम महिलाओं को दे सकती है, उन्हें इससे कोई आपत्ति नहीं है।
