KGMU के लारी कार्डियोलॉजी विभाग ने रचा इतिहास, देश में हासिल किया चौथा स्थान
इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी में शानदार प्रदर्शन; राष्ट्रीय स्तर की रैंकिंग में लखनऊ का बढ़ा मान
लखनऊ, अमृत विचार : किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) के लारी कार्डियोलॉजी विभाग ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए देशभर में चौथा स्थान प्राप्त किया है। यह रैंकिंग कॉर्डियोलॉजिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया के नेशनल इंटरवेंशनल काउंसिल की ओर से जारी की गई सूची में दर्ज की गई है।
दिल से जुड़ी बीमारियों के इलाज और इंटरवेंशनल प्रक्रियाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन के चलते केजीएमयू ने यह मुकाम हासिल किया है। इस उपलब्धि से न केवल संस्थान की प्रतिष्ठा बढ़ी है, बल्कि उत्तर प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं की साख भी मजबूत हुई है।
समिति ने देशभर के उन सरकारी और निजी चिकित्सा संस्थानों को शामिल किया, जहां कैथलैब की सुविधा उपलब्ध है। रैंकिंग में एंजियोग्राफी, एंजियोप्लास्टी और अन्य कार्डियोलॉजी इंटरवेंशन के आंकड़ों को आधार बनाया गया। वर्ष 2024-25 के प्रदर्शन के अनुसार सूची तैयार की गई है।
इस राष्ट्रीय सूची में पहला स्थान बेंगलुरु के श्रीजय प्रकाश इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोवस्कुलर साइंसेज एंड रिसर्च को मिला, जबकि दूसरे स्थान पर दिल्ली का जीबी पंत इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस एंड रिसर्च रहा। तीसरे पायदान पर अहमदाबाद का यूएन मेहता इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोलॉजी और पांचवें स्थान पर चंडीगढ़ का पीजीआई चंडीगढ़ शामिल है।
लारी कार्डियोलॉजी विभाग के अध्यक्ष डॉ. ऋषि सेट्ठी ने बताया कि यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि सूची में शामिल अधिकांश संस्थान केवल हृदय रोगों के इलाज के लिए समर्पित हैं, जबकि केजीएमयू में यह एक विभाग मात्र है। ऐसे संस्थानों के बीच चौथा स्थान प्राप्त करना बड़ी उपलब्धि है।
उन्होंने बताया कि रैंकिंग में आधुनिक कार्डियक इंटरवेंशन की संख्या को प्रमुख आधार बनाया गया है। इस उपलब्धि पर केजीएमयू की कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद ने विभाग को बधाई देते हुए इसे संस्थान के लिए गौरवपूर्ण क्षण बताया।
