यूपी में ट्रांसफर सत्र शून्य करने की मांग: कर्मचारी परिषद ने चुनावी वर्ष का दिया हवाला, मुख्यमंत्री को भेजे 21 सुझाव
लखनऊ, अमृत विचार: राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने वर्ष 2026-27 के स्थानांतरण सत्र को शून्य घोषित करने की मांग उठाई है। परिषद अध्यक्ष जेएन तिवारी ने मुख्यमंत्री को ईमेल के माध्यम से पत्र भेजकर तबादला नीति पर 21 बिंदुओं के सुझाव प्रस्तुत किए हैं।
परिषद का कहना है कि वर्ष 2027 में संभावित विधानसभा चुनाव को देखते हुए 2026-27 का ट्रांसफर सत्र अत्यंत संवेदनशील रहेगा। बड़े पैमाने पर तबादलों से प्रशासनिक कार्य और चुनावी प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है, इसलिए सामान्य स्थानांतरण पर रोक लगाई जानी चाहिए। हालांकि, अपरिहार्य परिस्थितियों में अधिकतम 10 प्रतिशत तक ही तबादले किए जाने का सुझाव दिया गया है।
परिषद ने यह भी मांग की है कि स्थानांतरण सत्र समाप्त होने के बाद किसी भी स्थिति में तबादले न किए जाएं। आरोप है कि कई विभागों में सत्र खत्म होने के बाद भी तबादले होते हैं, जिससे पारदर्शिता प्रभावित होती है।
सुझावों में पति-पत्नी को एक ही स्थान पर तैनाती, दिव्यांग या गंभीर बीमार बच्चों के अभिभावकों को छूट, और सेवानिवृत्ति से दो वर्ष पहले कर्मचारियों को गृह जनपद में पोस्टिंग जैसे प्रावधान शामिल हैं। परिषद ने पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और नियंत्रित बनाने की भी मांग की है।
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