उच्च शिक्षण संस्थानों में चलेगा ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ अभियान, सांस्कृतिक कार्यक्रमों से सुनिश्चित की जाएगी छात्र-छात्राओं और शिक्षकों की भागीदारी
लखनऊ, अमृत विचार: प्रदेश के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023’ के प्रचार-प्रसार के लिए व्यापक अभियान चलाया जाएगा। इस संबंध में उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने मंगलवार को वर्चुअल बैठक कर विभागीय अधिकारियों को विस्तृत निर्देश दिए।
बैठक में उच्च शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों, निदेशालय के पदाधिकारियों और क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारियों को अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन की जिम्मेदारी सौंपी गई। मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में इस अभियान को जन-जन तक पहुंचाना प्राथमिकता है। यह अभियान 10 से 20 अप्रैल 2026 तक प्रदेशभर के उच्च शिक्षण संस्थानों में चलाया जाएगा। इसके तहत छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और आमजन की सक्रिय भागीदारी के साथ विभिन्न जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मंत्री ने बताया कि 15 और 16 अप्रैल को प्रत्येक लोकसभा क्षेत्र में ‘नारी शक्ति पदयात्रा’ आयोजित की जाएगी। इसमें समाज की प्रतिष्ठित महिलाओं को नेतृत्व देने के साथ एनसीसी, एनएसएस स्वयंसेवकों और ‘लखपति दीदी’ जैसी लाभार्थियों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण को नई दिशा मिली है और यह अभियान उसी कड़ी को आगे बढ़ाने का प्रयास है।
‘नारी शक्ति दीवार’ बनेगी अभिव्यक्ति का मंच
अभियान के तहत महिला महाविद्यालयों और छात्रावासों में ‘नारी शक्ति दीवार’ स्थापित की जाएगी, जहां महिलाएं अपने विचार लिखकर और हस्ताक्षर कर भागीदारी निभाएंगी। इसके साथ ही मानव श्रृंखला बनाकर महिला सशक्तिकरण का संदेश दिया जाएगा। मंत्री ने निर्देश दिए कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से अभियान का व्यापक प्रचार किया जाए। साथ ही मिस्ड कॉल नंबर और स्टिकर के जरिए जनसमर्थन जुटाने पर भी जोर दिया गया।
अधिकारियों को सौंपी गई जिम्मेदारी
अभियान के सफल संचालन के लिए स्पष्ट जिम्मेदारियां तय की गई हैं। उच्च शिक्षा परिषद के सचिव निजी विश्वविद्यालयों से समन्वय करेंगे, कुलसचिव सरकारी व अनुदानित कॉलेजों से संपर्क रखेंगे, जबकि क्षेत्रीय अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में कार्यक्रमों का संचालन सुनिश्चित करेंगे।
प्रमुख गतिविधियां
• 15–16 अप्रैल: नारी शक्ति पदयात्रा
• स्कूटी रैली और जनसंपर्क अभियान
• बैनर, कार्ड और प्रचार सामग्री का उपयोग
• छात्र-छात्राओं की व्यापक भागीदारी
