UP श्रम विभाग ने सोशल मीडिया पर भ्रामक वेतन, ओवरटाइम दावों का किया खंडन, जारी किए आधिकारिक आंकड़े
गौतमबुद्धनगर। उत्तर प्रदेश में गौतमबुद्धनगर जिला में हाल ही में उत्पन्न औद्योगिक अशांति के बीच सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों को लेकर श्रम विभाग ने स्पष्टीकरण जारी किया है। अपर श्रमायुक्त राकेश द्विवेदी ने गुरुवार को कहा कि 13 अप्रैल को हुई घटनाओं के बाद विभिन्न श्रमिक समूहों को भेजे गए वीडियो को तोड़-मरोड़ कर वायरल किया जा रहा है, जिससे भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है।
उन्होंने बताया कि ये वीडियो और उनसे जुड़े दावे पूरी तरह झूठे, भ्रामक और आपत्तिजनक हैं। विभाग ने ऐसे कंटेंट से सावधान रहने की अपील की है। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जारी राजाज्ञा संख्या 374/36-2-2026-2041256 (दिनांक 17 अप्रैल ) के अनुसार गौतमबुद्धनगर में 74 अधिसूचित नियोजनों के लिए न्यूनतम मासिक वेतन निर्धारित किया गया है।
इसके तहत अकुशल श्रमिक: 13,690 रुपये प्रतिमाह, अर्धकुशल श्रमिक: 15,059 रुपये प्रतिमाह, कुशल श्रमिक: 16,868 रुपये प्रतिमाह न्यूनतम मासिक वेतन निर्धारित है। श्रम विभाग ने स्पष्ट किया कि इन निर्धारित दरों के अलावा किसी अन्य वेतन राशि के प्रचार-प्रसार के दावे पूरी तरह असत्य हैं। कुछ संगठनों द्वारा यह भी प्रचारित किया जा रहा है कि श्रम कार्यालय पिछले दो वर्षों के ओवरटाइम भुगतान के लिए उद्योगों पर दबाव बना रहा है।
इस पर विभाग ने साफ किया कि वर्तमान में ऐसी कोई कार्रवाई नहीं चल रही है और यह दावा पूरी तरह निराधार है। श्रम विभाग ने उद्यमियों, श्रमिकों और आम नागरिकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर फैल रही अपुष्ट खबरों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त जानकारी पर ही भरोसा करें।
