SGPGI: इमरजेंसी में युवक की मौत पर हंगामा, सुरक्षाकर्मियों ने की धक्का - मुक्की
लखनऊ, अमृत विचार : संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान की इमरजेंसी में इलाज के लिए लाये गये 20 वर्षीय युवक को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिजनों और सुरक्षा कर्मियों के बीच विवाद हो गया। परिजनों का आरोप है कि सुरक्षा कर्मियों ने उनके साथ अभद्रता की। इतना ही नहीं परिजनों को धक्का देने का आरोप भी सुरक्षाकर्मियों पर लगा है। जिसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
एसजीपीजीआई की इमरजेंसी में युवक को लेकर इलाज के लिए पहुंचे परिजनों और चिकित्सकीय स्टाफ व सुरक्षाकर्मियों के बीच विवाद की वजह हैरान करने वाली हैं।
दरअसल, डॉक्टर युवक की मौत को संदिग्ध मान रहे थे। जिसके चलते उन्होंने मृत युवक के शव का पोस्टमार्टम कराने की बात कही, लेकिन परिजन इसके लिए तैयार नहीं थे। इसके बाद मामले ने विवाद का रूप धारण कर लिया। इस दौरान वहां पर एसजीपीजीआई में तैनात सुरक्षा कर्मी भी पहुंच गए और उन्होंने परिजनों के साथ धक्का मुक्की की।
हालांकि हंगामे की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाकर मामला शांत कराया और शव का पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
थाना गोसाईगंज निवासी अजय पांडे ने बताया कि उनका 20 वर्षीय बेटा दिव्यांशु अपने ननिहाल गया था। जहां गिरने से सिर में उसके चोट लग गई, इलाज के लिए हम लोग पीजीआई पहुंचे थे, जहां डॉक्टरों ने बेटे को मृत्यु घोषित कर दिया।
