छात्र नवाचारों की प्रदर्शनी में स्मार्ट व्हीलचेयर अव्वल, आईओटी और डिफेंस प्रोजेक्ट्स छाए
लखनऊ, अमृत विचार: विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, उप्र. की ओर से विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद में आयोजित इंजीनियरिंग अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों की नवाचार आधारित परियोजनाओं के प्रदर्शन एवं मूल्यांकन कार्यक्रम में छात्रों के अभिनव प्रोजेक्ट्स ने आकर्षित किया। कार्यक्रम का आयोजन विज्ञान भवन, नबीउल्लाह रोड में किया गया, जहां प्रदेश के विभिन्न तकनीकी संस्थानों के विद्यार्थियों ने समाजोपयोगी और पर्यावरणीय समस्याओं के समाधान पर आधारित मॉडल प्रस्तुत किए।
वर्ष 2017 से संचालित इस योजना के अंतर्गत इस बार 2025-26 सत्र में प्रदेशभर से कुल 399 परियोजनाएं प्राप्त हुईं। विशेषज्ञ समिति द्वारा मूल्यांकन के बाद 60 परियोजनाओं को अधिकतम 20 हजार रुपये तक की अनुदान राशि के लिए चयनित किया गया। चयनित परियोजनाओं को प्रारंभिक चरण में 10 हजार रुपये की अग्रिम राशि भी प्रदान की गई।
कार्यक्रम के दौरान छात्रों ने अपने प्रोजेक्ट्स की उपयोगिता, नवाचार और सामाजिक महत्व को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। विशेषज्ञों ने परियोजनाओं की व्यावहारिकता और नवीनता के आधार पर उनका मूल्यांकन करते हुए मार्गदर्शन भी दिया।
स्मार्ट व्हीलचेयर को मिला प्रथम पुरस्कार
प्रतियोगिता में गोयल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट के अनुज कुमार यादव एवं उनकी टीम को “आईओटी आधारित स्मार्ट व्हीलचेयर” प्रोजेक्ट के लिए प्रथम पुरस्कार (1 लाख रुपये) प्रदान किया गया। इस व्हीलचेयर में वॉयस कंट्रोल, टक्कर से बचाव और स्वास्थ्य निगरानी जैसी सुविधाएं शामिल हैं।
द्वितीय पुरस्कार (75 हजार रुपये) अजय कुमार गर्ग इंजीनियरिंग कॉलेज के यश चंद्र को बैलिस्टिक अनुप्रयोग से जुड़े डिफेंस प्रोजेक्ट के लिए मिला, जबकि तृतीय पुरस्कार (50 हजार रुपये) के आईईटी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के प्रणव चौधरी को स्वचालित कचरा संग्रहण प्रणाली प्रोजेक्ट के लिए दिया गया।
इसके अलावा अन्य प्रतिभागियों को सांत्वना पुरस्कार एवं सभी विद्यार्थियों व उनके मार्गदर्शकों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए।
विशेषज्ञों ने सराहा नवाचारों का स्तर
कार्यक्रम के दूसरे सत्र में संयुक्त निदेशक डॉ. हुमा मुस्तफा ने स्वागत संबोधन दिया और विभागीय कार्यों की सराहना की। मंच संचालन डॉ. राजेश कुमार गंगवार ने किया, जबकि डॉ. राधेलाल ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की।
मुख्य अतिथि रमेश चंद्र, विशेष सचिव (विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी), ने विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए।
