खाना खजाना : स्वादिष्ट स्नैक फाफड़ा
फाफड़ा गुजरात का एक लोकप्रिय और बेहद स्वादिष्ट पारंपरिक स्नैक है, जिसे मुख्य रूप से बेसन और हल्के मसालों से तैयार किया जाता है। इसकी कुरकुरी बनावट और हल्का तीखा स्वाद इसे खास बनाता है। आमतौर पर इसे जलेबी के साथ परोसा जाता है, जिससे मीठे और नमकीन का बेहतरीन संतुलन मिलता है। इस रेसिपी में पारंपरिक पापड़ खार की जगह बेकिंग सोडा का उपयोग किया गया है, जिससे इसे घर पर आसानी से बनाया जा सकता है। यह नाश्ते या शाम की चाय के साथ परोसने के लिए एक शानदार विकल्प है।
सामग्री
- बेसन (मेजरमेंट कप)-ढाई कप
- बेकिंग सोडा- चौथाई टी स्पून
- हल्दी- चौथाई टी स्पून
- हींग- चौथाई टी स्पून
- नमक- एक टी स्पून
- अजवाइन- एक टी स्पून
- तेल-2 टेबल स्पून (मोयम के लिए)

बनाने की विधि
एक छोटी परात के ऊपर बड़ा छन्ना रखें। उसमें बेसन और बेकिंग सोडा डालकर डाल लें। एक कटोरी में नमक, हल्दी और हींग डालकर पानी से घोल बना लें। बेसन में अजवाइन और मोयम का तेल एक टेबल स्पून डालकर अच्छे से मिक्स करें। मोयम मिक्स करने के बाद मुठ्ठी में बेसन लें कर चेक कर लें। यदि मुठ्ठी में बंध रहा है, तुरंत बिखर नहीं रहा है, तो मोयम ठीक है।
अब बेसन में नमक वाला जो घोल बनाया है, उसे डालकर बेसन मिक्स करें। फिर थोड़ा-थोड़ा पानी डालकर बेसन का नरम डोह बना लें। बेसन हाथ में चिपकाता है इसलिए जब जरूरत हो हाथ में तेल लगाकर उसे तब तक गूंथे जब तक लंबाई में खींचने पर तुरंत न टूटे। उसे लहसुन कूटने वाले से कूटे और मिक्स करें और फिर कूटे। ऐसा ज्यादा मात्रा में बनाने पर किया जाता है। जब खिंचाव के बाद जल्दी न टूटे तो बेसन सही हो गया है।
उसे ढककर 15 मिनट के लिए रख दें। उसके बाद कड़ाही गर्म करके उसमें आधी कड़ाही तेल डालें। बेसन के डोह को एक बार अच्छे से मिक्स करें। डोह से थोड़ा सा लेकर उसे लंबा शेप देकर उल्टी थाली के ऊपर एक प्लास्टिक बिछाकर रख दें। दूसरी प्लास्टिक उसके ऊपर रख दें। लोई पर हथेली के पीछे वाले हिस्से से दबाव डालते हुए हाथ को आगे बढ़ाकर उसे लंबा करें। उसे सब तरफ से एक जैसा पतला होना चाहिए।
जब तेल मिडियम गर्म हो, तो उसे सावधानी से उठा कर तलने डाल दें। धीमी और मध्यम आंच पर इसे तले। जब एक तरफ का कलर बदल जाए, तो उसे पलट दे। इसे हल्का लाल तल लें। आप अपने अनुसार रखें। जब यह तल जाए, तो उसे छलनी के ऊपर रखें, जिसके नीचे एक बरतन रखा हो। जब पहला फाफड़ा तल रहा हो दूसरा फाफड़ा तलने के लिए तैयार कर लें।
पहला फाफड़ा जिस तरह से तला है, उसी तरह से सभी फाफड़ा तलें। फाफड़ा की लंबाई कड़ाही के साइज के अनुसार ही रखना है और एक बार में कड़ाही में जितना फाफड़ा आसानी से तल सके उतना ही डालें। इसे गुजरात में कच्चे पपीते के फ्राइडलच्छे (संभारो), बेसन की चटनी और जलेबी के साथ सर्व किया जाता है, लेकिन आप अपने पसंद से किसी भी चीज के साथ सर्व कर सकती हैं या फिर शाम के स्नैक्स में की तरह खाएं।
