Moradabad: नौकरी की दौड़ छोड़ खुद बॉस बन रहे युवा...2312 ने खड़ा किया अपना कारोबार

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Published By Monis Khan
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मुरादाबाद, अमृत विचार। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजना में युवा अपने सपनों को रंग भर रहे हैं। अब जिले के युवा नौकरी की कतार में लगने की बजाय कारोबार लगाकर बॉस बनकर खुद के साथ दूसरों का भविष्य भी संवार रहे हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 में जिले के 2312 युवाओं को योजना में बिना गारंटी और 100 फीसदी ब्याज मुक्त ऋण देकर आत्मनिर्भर बनाया गया है, जबकि वर्तमान वित्तीय वर्ष 2026-27 में 2700 युवाओं को योजना का लाभ मिलना लक्षित किया गया है।

योजना के अन्तर्गत उद्योग या सेवा क्षेत्र में काम शुरू करने के लिए अधिकतम 5 लाख रुपये तक का लोन दिया जाता है। जिसमें चार साल में मूलधन अदा करने पर सरकार 10 प्रतिशत की सब्सिडी देती है। योजना का लाभ उठाकर जिले के युवा चाय की मैन्युफैक्चरिंग, डिजिटल कोचिंग, योगा स्टूडियो और आइसक्रीम फैक्ट्री जैसे स्टार्टअप चला रहे हैं। प्रशासन व उद्योग विभाग का सहयोग उनकी राह आसान कर रहा है। इसके दम पर युवा पीढ़ी हर महीने लाखों रुपये मुनाफा कमा रही है। ग्रीन ऑर्किड, मंगूपुरा की रहने वाली 29 वर्षीय मुस्कान अग्रवाल ने आईआईटी और नीट टीचर की नौकरी छोड़कर खुद का व्यवसाय शुरू किया। उन्होंने चॉकलेट्स और फलों का अपना अनूठा स्टार्टअप ''''चॉकोबेरी'''' शुरू किया। उद्योग विभाग से मिला ऋण उनके लिए आर्थिक संबल बना।

सफलता की कहानी, युवाओं की जुबानी
बुद्धि विहार निवासी 26 वर्षीय मणि गुप्ता ने योजना में पांच लाख रुपये ऋण लेकर चाय मैन्युफैक्चरिंग कर रहे हैं। यूपी ग्रामीण बैंक से ऋण प्राप्त कर उन्होंने अपना सेटअप लगाया है। वह बताते हैं कि पंचायत भवन के जिगर मंच पर लगे स्टॉल में उन्होंने महज डेढ़ घंटे में 24 किलो चायपत्ती बेच दी थी। अब वह ''''ब्लू टी'''' और इसे विदेशों में निर्यात करने की तैयारी में हैं। इस व्यवसाय से उन्हें हर महीने 40 हजार रुपये की आय हो रही है।

प्रशासनिक सहयोग से खोला सैलून, दूसरों को भी दिया रोजगार
ऑटो चालक की 21 वर्षीय बेटी स्नेहा पाल के पास खुद का सैलून खोलने के लिए पर्याप्त पूंजी नहीं थी। ऋण आवेदन में उन्हें तकनीकी दिक्कतें आईं। जनसुनवाई पोर्टल के माध्यम से की गई शिकायत का जिलाधिकारी कार्यालय और उद्योग विभाग के अधिकारियों ने संज्ञान लेकर सहयोग और मार्गदर्शन दिया, जिससे ऋण स्वीकृत होने के बाद स्नेहा का सैलून चल रहा है। वह महीने में 40 हजार से एक लाख रुपये कमा रही हैं। साथ ही दूसरों के लिए भी सहारा बनी हैं।

यूट्यूब से मिली जानकारी से आगे बढ़ी जिंदगी
हरथला के रहने वाले 26 वर्षीय मोहम्मद नूर ने यूट्यूब पर वीडियो देखने के बाद खुद का व्यवसाय करने की ठानी। यूको बैंक के माध्यम से पांच लाख रुपये का ऋण लेकर आइसक्रीम फैक्ट्री शुरू की। उन्होंने इसी साल मार्च में अपना काम शुरू किया है। उन्होंने छह से सात अन्य लोगों को रोजगार देकर आत्मनिर्भर बनाने में मदद की है।

डिजिटल कोचिंग से बढ़ी सचिन की आय
25 वर्षीय सचिन ठाकुर पहले सीमित संसाधनों में बच्चों को पढ़ाते थे, उनके पास डिजिटल बोर्ड, इन्वर्टर की सुविधा नहीं थी। येाजना की जानकारी मिलने पर उन्होंने ऋण के लिए आवेदन किया। अब वह कोचिंग में आधुनिक डिजिटल बोर्ड लगाकर प्रतिमाह 50 से 60 हजार रुपये की आय प्राप्त कर रहे हैं।

योग से दूसरों को निरोग बना रहीं स्वाति
बुद्धि विहार की रहने वाली 33 वर्षीय स्वाति वर्मा ने योजना के माध्यम से अपना ''योगा स्टूडियो'' शुरू किया। सात महीने में ही वह 30 हजार रुपये आसानी से कमा रही हैं। उन्होंने इस कार्य में तीन लोगों को भी रोजगार दिया है।

 डीआईसी मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजना के माध्मय से पिछले वित्तीय वर्ष 2025-26 में 2312 युवाओं को बिना गारंटी और 100 फीसदी ब्याज मुक्त ऋण देकर आत्मनिर्भर बनाया गया है। वर्तमान वित्तीय वर्ष 2026-27 में 2700 और युवाओं को इस योजना का लाभ देने का लक्ष्य है।
दीपेंद्र कुमार, महाप्रबंधक,

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