Uttrakhand: नशा मुक्ति केंद्र की आड़ में ठगी, बंधक बनाकर बैंक से उड़ाए गए 22.5 लाख रुपये

Amrit Vichar Network
Published By Monis Khan
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सितारगंज, अमृत विचार। नशा मुक्ति केंद्र की आड़ में ठगी और जबरन वसूली का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यूपी निवासी एक महिला ने आरोप लगाया कि उसके पति को नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराने के नाम पर बंधक बना लिया गया, जहां न केवल मारपीट की गई, बल्कि उसके बैंक खाते से करीब 22.5 लाख रुपये जबरन ट्रांसफर कराए गए।

गांव बलकरनपुर, पीलीभीत (यूपी) निवासी कमलजीत कौर ने बताया कि उसका पति नशे का आदी था, जिस कारण उसे सितारगंज स्थित नव जीवन नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराया गया था। आरोप है कि केंद्र के संचालक रनधीर सिंह और उसके साथियों ने उसके पति का फोन अपने कब्जे में ले लिया और उसे किसी होटल के कमरे में बंधक बनाकर रखा।

इस दौरान आरोपियों ने पीड़ित के पति के मोबाइल से बैंक ऐप का इस्तेमाल कर अलग-अलग खातों में लाखों रुपये ट्रांसफर कर दिए। इसमें केंद्र संचालक रनधीर सिंह के खाते में 2.5 लाख, साथी हरदीप सिंह उर्फ बूटा की पत्नी अकविंदर के खाते में करीब 5 लाख और अन्य साथियों के खातों में करीब 15 लाख रुपये भेजे गए। जब पीड़िता अपने पति को लेने के लिए केंद्र पहुंची, तो उसने बताया कि उसके साथ मारपीट की गई और मोबाइल छीन लिया गया। 

विरोध करने पर आरोपियों ने महिला को जान से मारने और झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी दी। आरोपियों ने खुद को बड़े गिरोह का सदस्य बताते हुए उसे डराने की कोशिश की। सीओ बीएस धौनी ने बताया कि महिला की शिकायत पर तीन आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 115(2), 127, 308, 351(3) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है और मामले की विवेचना की जा रही है।

69 लाख में किया था 8.5 एकड़ जमीन का सौदा
कमलजीत कौर ने बताया कि साल 2025 में उसके पति ने नशे की हालत में पुष्प कुमार और उसके भाइयों के साथ अपनी 8.5 एकड़ जमीन का सौदा कर दिया था। इसके बदले में उन्हें 69 लाख रुपये मिले थे, जो उसके पति के बैंक खाते में जमा थे। बताया कि इस सौदे के बारे में जानकारी मिलने पर उसने संबंधित तहसील में आपत्ति लगा दी थी। आपत्ति के बाद पुष्प कुमार और उसके भाइयों की जमीन वापस करने पर सहमति बनी, और समझौते में तय किया गया कि जमीन के एवज में दी गई रकम भी वापस की जाएगी।

बैंक कर्मचारी के मिलीभगत से निकाली रकम
कमलजीत कौर ने आरोप लगाया कि उसके पति के खाते से पैसे निकालने में एक्सिस बैंक के कर्मचारी जसवंत सिंह की मिलीभगत थी। उसी की सहायता से आरोपियों ने उसके पति के बैंक खाते से रुपये निकालने में सफलता पाई।

 

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