यूपी खाद्य प्रसंस्करण नीति:   SLEC बैठक में 18 नए प्रस्तावों को मंजूरी, नए प्रोजेक्ट्स से बढ़ेगा निवेश

Amrit Vichar Network
Published By Anjali Singh
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लखनऊ, अमृत विचार : प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग तेजी से विकास की राह पर है। राज्य सरकार की खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 के तहत निवेश, रोजगार और निर्यात को नई गति मिल रही है। इसी क्रम में सोमवार को कृषि उत्पादन आयुक्त दीपक कुमार की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय इम्पावर्ड समिति (एसएलईसी) की बैठक आयोजित हुई, जिसमें 18 नए निवेश प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।

इन प्रस्तावों में स्टार्च निर्माण, डेयरी उत्पाद, पास्ता, मुरमुरा उत्पादन, पोल्ट्री एवं कैटल फीड, ऑर्गेनिक उत्पाद प्रसंस्करण सहित विभिन्न खाद्य इकाइयों की स्थापना शामिल है। बैठक में बताया गया कि अब तक स्वीकृत परियोजनाओं के तहत 350 करोड़ रुपये की अनुदान राशि वितरित की जा चुकी है।

उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण की अपर मुख्य सचिव बीएल मीणा ने कहा कि प्रदेश में निवेशकों को पारदर्शी और सुगम व्यवस्था उपलब्ध कराई जा रही है। बागपत में फ्रोजन फ्रूट्स एवं वेजिटेबल यूनिट स्थापित करने वाले उद्यमी जयदेव सिंह को सम्मानित भी किया गया।

बैठक में अमेठी के स्टार्च उत्पादन और बुलंदशहर की ऑर्गेनिक प्रोसेसिंग परियोजनाओं को भी मंजूरी दी गई। साथ ही पीएमएफएमई योजना की समीक्षा में 31.67 प्रतिशत प्रगति दर्ज की गई। अध्यक्ष दीपक कुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निवेशकों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि प्रदेश में उद्योग और रोजगार के अवसर और बढ़ सकें।

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