Moradabad: कोर्ट पहुंचा श्री काली माता मंदिर और जूना अखाड़े का विवाद

Amrit Vichar Network
Published By Monis Khan
On

मुरादाबाद, अमृत विचार। लालबाग स्थित काली माता मंदिर और सिद्धपीठ नौ देवी प्राचीन काली मंदिर में गद्दी को लेकर चल रहा विवाद थम नहीं रहा है। श्री पंचदशनाम जूना अखाड़े के द्वारा यहां के महंतों को हटाकर दूसरी जगह स्थानांतरित करने के बाद भी विवाद बना है। सोमवार को महंत रामगिरि ने अधिवक्ता राकेश जौहरी के माध्यम से सिविल जज सीनियर डिवीजन के न्यायालय में याचिका दाखिल की है। जिस पर सात मई को सुनवाई की तारीख नियत की गई है।

महंत राम गिरि ने जूना अखाड़े के द्वारा इस महीने नौ अप्रैल को उनको महंत पद से हटाने की कार्यवाही को गलत प्रक्रिया अपनाते हुए ट्रांसफर करना बताया। इसके खिलाफ उन्होंने सिविल कोर्ट मुकदमा दर्ज कराते हुए पूरी कार्यवाही को नियम विरुद्ध बताया है। इसमें महंत राम गिरि की ओर से कहा गया है कि वह गुरु की उत्तराधिकार परंपरा के अनुसार मंदिर पर महंत तैनात हैं। दर्ज कराए गए मुकदमे में श्रीपंच दशनाम जूना अखाड़े के पदाधिकारियों अध्यक्ष, सभापति, महंत हरि गिरी सहित महंत महाकाल गिरी और हितेश्वर गिरी के भी नाम शामिल किए गए हैं।

महंत राम गिरि के वकील वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश जौहरी ने बताया कि जूना अखाड़े का आदेश पूर्ण रूप से गलत और आधारहीन है। उसकी कोई बाध्यता वादी राम गिरि महाराज पर नहीं है। जिस पर अगली सुनवाई होगी। अधिवक्ता राकेश जौहरी ने बताया कि जिस लेटर के माध्यम से महंत रामगिरि को हटाने की प्रक्रिया की गई वह विधिक रुप से उचित नहीं प्रतीत हो रहा है। काली माता मंदिर श्री पंचदश नाम जूना अखाड़ा वाराणसी से संचालित होती है।

 उनका कोई आदेश नहीं है। ऐसे में हरिद्वार से जूना अखाड़े को यहां मंदिर के महंत को हटाने का कोई अधिकार नहीं प्राप्त इहोता है। उन्होंने यह भी कहा कि काली माता मंदिर में 400 वर्ष से गुरु शिष्य परंपरा चली आ रही है। इस सिलसिले में वादी महंत रामगिरि को बाकायदा महंत घोषित किया गया था। उसे खारिज नहीं किया गया है। उन्होंने बताया कि सात मई को मामले में सुनवाई नियत है।

संबंधित समाचार