Bareilly: सैटेलाइट हादसे की जांच रिपोर्ट तैयार, ठेकेदार की फर्म होगी ब्लैकलिस्ट

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Published By Monis Khan
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बरेली, अमृत विचार। सेटेलाइट बस स्टेशन के पास खुले नाले में गिरकर हरदोई के युवक तौहीद की मौत का मामला लापरवाह अधिकारियों के गले की फांस बन गया है। 24 मार्च की काली रात को हुए इस दर्दनाक हादसे की जांच रिपोर्ट ने पूरी तरह साफ कर दिया है कि तौहीद की जान किसी इत्तेफाक से नहीं, बल्कि नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदार की घोर लापरवाही से गई है। जांच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में दो जूनियर इंजीनियरों (जेई), एक सफाई नायक, एक सुपरवाइजर और ठेकेदार को मुख्य रूप से कटघरे में खड़ा किया है। अब बस नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य के अवकाश से लौटने का इंतजार है, जिसके बाद पूरे मामले की रिपोर्ट जिला प्रशासन के माध्यम से शासन को भी भेजी जाएगी, जिससे संबंधित विभागों में हड़कंप मचा है।

अपर नगर आयुक्त शशि भूषण सिंह और पर्यावरण अभियंता की जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि जिस स्थान पर नाले का कार्य चल रहा था, वहां सुरक्षा के न्यूनतम मानकों का भी पालन नहीं किया गया था। न तो कोई बैरिकेडिंग की गई थी और न ही रात के अंधेरे में राहगीरों को आगाह करने के लिए कोई चेतावनी बोर्ड या लाइट का इंतजाम था। इसी अनदेखी की कीमत तौहीद को अपनी जान देकर चुकानी पड़ी, जिसका शव 30 घंटे की मशक्कत के बाद गहरे नाले से निकाला जा सका था। दोनों ही अधिकारियों ने अपनी जांच रिपोर्ट में दोषियों के खिलाफ निलंबन और कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की स्पष्ट सिफारिश की है।

ठेकेदार होगा ब्लैकलिस्ट, शासन तक पहुंची लापरवाही की गूंज
नगर निगम इस बार केवल विभागीय कार्रवाई तक ही सीमित नहीं रहने वाला है। मामला शासन तक पहुंचने पर दोषी ठेकेदार की फर्म को ब्लैकलिस्ट करने की तैयारी पूरी कर ली गई है, ताकि भविष्य में वह किसी और की जान से खिलवाड़ न कर सके। इधर, घटनाक्रम को लेकर मानवाधिकार आयोग भी प्रकरण की रिपोर्ट तलब कर चुका है। नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य का कहना है कि शहर के सभी खुले नालों को ढकने और निर्माण स्थलों पर सख्त निगरानी रखने के निर्देश जारी किए गए हैं।

 

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