यूपी में ‘वन हेल्थ मिशन’ से स्वास्थ्य-पर्यावरण बेहतर, इंसानों, पशुओं और पर्यावरण की चुनौतियों का एकसाथ होगा समाधान
लखनऊ, अमृत विचार: अपर मुख्य सचिव (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य) अमित कुमार घोष ने कहा कि राज्य में बढ़ती स्वास्थ्य और पर्यावरणीय चुनौतियों को देखते हुए ‘वन हेल्थ मिशन’ स्थापित किया जाएगा। यह मिशन मानव, पशु और पर्यावरण के बीच समन्वित दृष्टिकोण अपनाकर संभावित खतरों से निपटने की दिशा में काम करेगा। अपर मुख्य सचिव एक होटल में आयोजित वन हेल्थ कार्यक्रम के अंतर्गत मंगलवार को शुरू हुई दो दिवसीय बहु-हितधारक कार्यशाला में बोल रहे थे।
अपर मुख्य सचिव घोष ने कहा कि डिजिटल युग में रोग प्रबंधन और आपदा नियंत्रण के लिए त्वरित डेटा उपलब्धता बेहद जरूरी है। कार्यशाला के माध्यम से विभागों के बीच डेटा साझा करने की एकीकृत प्रणाली विकसित की जाएगी, जिससे भविष्य में किसी भी स्वास्थ्य संकट से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके। उन्होंने बताया कि राज्य वन हेल्थ एक्शन प्लान को अंतिम रूप दिए जाने के बाद एक राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें मुख्यमंत्री द्वारा मिशन की औपचारिक शुरुआत की जाएगी।
अमित कुमार घोष ने कहा कि हाल के वर्षों में जूनोटिक रोगों और महामारियों के प्रसार में तेजी आई है, जो मानव स्वास्थ्य के लिए गंभीर चुनौती है। ऐसे में वन हेल्थ दृष्टिकोण बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है, जिसमें मानव, पशु और पर्यावरण से जुड़े कारकों का एकीकृत अध्ययन कर प्रभावी रणनीति तैयार की जाएगी। उन्होंने बताया कि इस मिशन के तहत एंटीमाइक्रोबियल रेसिस्टेंस (एएमआर), खाद्य सुरक्षा और जलवायु परिवर्तन जैसे मुद्दों पर भी समन्वित तरीके से काम किया जाएगा। इस अवसर पर महानिदेशक परिवार कल्याण श्री पवन कुमार अरुण सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
बहु-विभागीय समन्वय से बनेगी रणनीति
इस पहल को सफल बनाने के लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, पशुपालन, कृषि, पर्यावरण एवं वन, शहरी व ग्रामीण विकास, मत्स्य पालन, खाद्य सुरक्षा विभाग समेत कई संस्थाएं मिलकर काम करेंगी। विभिन्न प्रयोगशालाओं, भारतीय मौसम विभाग और आपदा प्रबंधन एजेंसियों के साथ डेटा साझा करने और विश्लेषण की प्रणाली विकसित की जाएगी।
