बुलंदशहर में मिलावटी दूध पर बड़ा एक्शन : 6 इकाइयों के निलंबित होंगे लाइसेंस, सहारनपुर में 5.75 करोड़ के उत्पाद जब्त 

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Published By Anjali Singh
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लखनऊ, अमृत विचार। दुग्ध एवं दुग्ध उत्पादों में मिलावट की शिकायतों पर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) ने बुलंदशहर और सहारनपुर में व्यापक छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान घोर अनियमितता पाए जाने पर छह राज्य स्तरीय इकाइयों और तीन केंद्र स्तरीय इकाइयों के लाइसेंस निलंबन की संस्तुति की गई।

दूसरी तरफ अभियान के दौरान लापरवाही और कदाचार के आरोपों पर सहारनपुर के सहायक आयुक्त (खाद्य) मनोज कुमार वर्मा और मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी धनंजय शुक्ला को मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया है, जबकि खाद्य सुरक्षा अधिकारी सुमनपाल को निलंबित किया गया है।

खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, उप्र. के आयुक्त डॉ.रोशन जैकब के निर्देश पर 28 अप्रैल को प्रदेश स्तरीय 49 विशेष प्रवर्तन टीमों का गठन कर दोनों जिलों में दुग्ध निर्माण इकाइयों और चिलिंग सेंटरों का आकस्मिक निरीक्षण कराया गया। अभियान के दौरान निरीक्षण में कई इकाइयों में साफ-सफाई की खराब स्थिति, दुग्ध क्रय के अभिलेखों का अभाव, पुराने उत्पादों को नई तारीख में रीपैक करना और अन्य जरूरी दस्तावेजों की कमी जैसी गंभीर अनियमितताएं सामने आईं।

इसके आधार पर छह राज्य स्तरीय इकाइयों के लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई शुरू कर दी गई है, जबकि तीन केंद्र स्तरीय इकाइयों के लाइसेंस निलंबन की संस्तुति खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण, नई दिल्ली को भेजी गई है। इसके अलावा 20 इकाइयों को सुधार नोटिस जारी किया गया है।

निरीक्षण अभियान के दौरान कुल 47 प्रतिष्ठान संचालित पाए गए। बुलंदशहर में 35 इकाइयों से 112 नमूने लिए गए, जबकि सहारनपुर में 12 इकाइयों से 21 नमूने संग्रहित किए गए। कार्रवाई के दौरान बुलंदशहर में करीब 503.5 मीट्रिक टन दूध और दुग्ध उत्पाद, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 5.75 करोड़ रुपये है, जब्त किए गए। वहीं सहारनपुर में 25 किलोग्राम क्षमता के 782 बैग स्किम्ड मिल्क पाउडर, जिनकी कीमत करीब 50 से 94 लाख रुपये आंकी गई, सीज किए गए।

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