Bareilly: रायपुर हंस में मूंछ की लड़ाई, हर बार खून-खराबे पर आई

Amrit Vichar Network
Published By Monis Khan
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बरेली/ फरीदपुर। रामगंगा की कटरी में बसे रायपुर हंस गांव में हुए इंद्रपाल सिंह हत्याकांड में अतीत की उस खूरेंज इबारत को ताजा कर दिया है, जिसमें सिलसिलेवार हत्याओं का लंबा अध्याय लिखा गया था। इस बार एक ही बिरादरी के दो दबंग गुटों के बीच जानी दुश्मनी के बीज प्रेमी युगल के चक्कर में पड़ गए, जिसने लड़की के चाचा की बलि ले ली। 

इंद्रपाल का रिकार्ड भी कई मुकदमों से रंगा था। आरोप है कि तनातनी के बीच लड़का पक्ष ने सुनियोजित तरीके से उसकी जान ले ली। घंटों की माथापच्ची के बाद मृतक पक्ष ने देर रात हत्याकांड में कार्रवाई के लिए हिष्ट्रीशीटर ठाकुर ऋषिपाल सिंह, उसके तीन बेटे सहित 4 लोगों के खिलाफ पुलिस को तहरीर सौंपी है। हत्याकांड के बाद आरोपी पक्ष भूमिगत जरूर हो गया है मगर गांव के हालात बेहद तनावपूर्ण बताए गए हैं।

रायपुर हंस में गोलीकांड का शिकार हुए इंद्रपालसिंह चार भाइयों में तीसरे नंबर के थे। दो भाई सत्येन्द्र पाल सिंह और अजय पाल उत्तराखंड के खटीमा में रहते हैं। उमेश पाल गांव में रहकर खेतीबाड़ी संभालते हैं। गांववालों का कहना है कि इंद्रपाल सिंह का भी परिवार बसा था मगर बेटी होने के बाद वह हत्या के मामले में जेल चले गए, तो पत्नी से रिश्ता टूट गया। कुछ माह पहले गांव के एक व्यक्ति से मारपीट में इंद्रपाल को जेल हुई थी और जमानत पर छूटने के बाद वह बाग में झोपड़ी डालकर रह रहे थे।

पुलिस के अनुसार, हिस्ट्रीशीटर ठाकुर ऋषिपाल सिंह पक्ष से उनके परिवार की रंजिश चली आ रही थी। 1 जनवरी 2026 को इंद्रपाल के भाई सत्येन्द्र सिंह की 19 वर्षीय बेटी स्वाति को ऋषिपाल सिंह का बेटा विकास बहला-फुसलाकर साथ ले गया था। परिवार ने बेटी के अपहरण की रिपोर्ट थाना फरीदपुर में विकास, ऋषिपाल सिंह, सर्वेश संगम, सुरेश पाल, सर्वेश्वर और पोथीराम फौजी के खिलाफ दर्ज कराई थी। दोनों पक्षों में विवाद के बीच पुलिस ने युवती को बरामद किया था तो उसने प्रेमी विकास के पक्ष में बयान दिए थे। बालिग होने के चलते उसे मर्जी से विकास के साथ ही रहने की अनुमति मिल गई थी।

रंजिश की खाई उस वक्त और गहरी हो गई, जब पुलिस सुरक्षा के बीच विकास के साथ स्वाती गांव में ही आकर रहने लगी। लोगों का कहना है कि दोनों पक्षों के बीच भारी तनाव उसी दिन देखने को मिला था, जब पुलिस की मौजूदगी में स्वाति विकास के घर रहने को पहुंची थी। दोनों घरों के बीच दूरी ज्यादा नहीं है। पुलिस को टकराव का डर था, इसलिए लड़की के घर पहुंचने तक थाने का दरोगा सर्विस रिवाल्वर हाथ में लेकर घर के बाहर मौजूद रहा था। बात वहीं खत्म नहीं हुई और धीमे-धीमे दिलों में छिपी रंजिश की आग बढ़ती रही। ऋषिपाल सिंह पक्ष को इंद्रपाल सिंह से हमेशा डर रहता था। हत्याकांड उसी की नतीजा बताया जा रहा है।

एक दिन पहले इंद्रपाल को दी गई थी धमकी

पीड़ित पक्ष के अनुसार, स्वाती को गायब किए जाने के मामले में पुलिस से शिकायत करने को लेकर लड़का पक्ष के लोग उनसे रंजिश मानते थे। एक दिन पहले आरोपी ऋषिपाल और उसके तीन बेटे संगम, विकास और सर्वेश व रिश्तेदार थाना सिरौली के गांव लीलौर निवासी तेजपाल सिंह रास्ते में रोककर हत्या की धमकी दी थी। आरोपियों के हाथ में तमंचे थे। बात आगे न बढ़े, इसलिए परिवार ने इंद्रपाल को समझाकर बाग पर सोने भेज दिया था। रात में आरोपी पक्ष ने गोली मारकर उनकी हत्या कर दी।

17 साल बाद हत्याकांड से थर्राया गांव
बरेली/ फरीदपुर। रायपुर हंस गांव अतीत में कई लोगों की हत्या का गवाह रहा है, लेकिन इस बार मर्डर 17 साल बाद हुआ है। मारे गएइंद्रपाल सिंह के खिलाफ भी पुलिस रिकार्ड में कई मुकदमे दर्ज चल रहे थे। कई लोगों से उनका विवाद हो चुका था। चर्चा है कि इंद्रपाल हाल में अपनी कुछ जमीन बेची थी और उसका पैसा उनके बैंक खाते में जमा था। कुछ राशि कुछ दिन पहले निकाली थी। वह गांव में मकान बनवा रहे थे और उसके लिए चौखट- खिड़कियां खरीद चुके थे। अचानक जिस तरह से इंद्रपाल की हत्या हुई, उसे लेकर पुलिस भी उलझी नजर आ रही है। पीड़ित परिवार ने हिष्ट्रीशीटर ऋषिपाल सिंह पक्ष पर सुनियोजित तरीके से हत्या का आरोप लगाते हुए पुलिस को तहरीर दी है। एसपी साउथ अंशिका वर्मा ने बताया कि घटना के खुलासे को पुलिस की कई टीमें जुटाई गई हैं। हमलावर कार्रवाई से बच नहीं पाएंगे।

कटरी में गैंगवार से भी सुर्खियों में रहा रायपुर हंस
रामगंगा की कटरी में खाली पड़ी सरकारी जमीनों पर कब्जे को लेकर दो गुटों के बीच 11 जनवरी 2023 को गैंगवार हुई थी। उस समय दबंग सपा नेता सुरेश पाल सिंह तोमर और सिख फार्मर परमजीत सिंह गुटों में हुए खूनी संघर्ष में तीन लोग मारे गए थे। सुरेश पाल सिंह कई लोग घायल भी हुए थे। आरोपी सुरेश को लंबे समय अस्पताल में रहना पड़ा था और वह जेल भी गया था। सुरेश पाल इंद्रपाल हत्याकांड से सुर्खियों में आए रायपुर हंस का ही मूल निवासी है। बदायूं में सपा का जिला सचिव रहा है। विधानसभा चुनाव भी लड़ चुका है। पुलिस रिकार्ड के अनुसार, इंद्रपाल पक्ष ने भतीजे के गायब होने के मामले में जिन लोगों पर रिपोर्ट लिखाई थी, उसमें सुरेश पाल भी शामिल था। हालांकि, पुलिस ने बाद में केस फाइल बंद कर दी थी।

इंस्पेक्टर फरीदपुर राधेश्याम ने बताया कि मृतक के परिजनों ने पुलिस को घटना को लेकर नामजद लोगों के खिलाफ तहरीर दी है। आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा रही है। साक्ष्यों के हिसाब से आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

 

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